हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी, हनुमानगढ़ और हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी के बीच बुधवार को शैक्षणिक एवं अकादमिक सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ। इस समझौते का उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम विकास, शोध, नवाचार, कौशल विकास तथा सह-पाठ्यक्रम एवं अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देना है। एमओयू के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक एक-दूसरे के शैक्षणिक अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। संयुक्त कार्यशालाओं, सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, फैकल्टी एवं विद्यार्थी आदान-प्रदान तथा अकादमिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए भी दोनों संस्थानों की ओर से मिलकर कार्य किया जाएगा। दोनों विश्वविद्यालयों की अकादमिक विशेषज्ञता और पाठ्यक्रम आधारित अनुभवों के आदान-प्रदान से विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी क्षमताओं को विकसित करने के अवसर मिलेंगे। साथ ही, नए एवं समसामयिक पाठ्यक्रमों के विकास तथा मौजूदा पाठ्यक्रमों को अधिक व्यावहारिक एवं रोजगारपरक बनाने में भी सहयोग मिलेगा। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ अकादमिक साझेदारी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। यह एमओयू ज्ञान, अनुभव और शैक्षणिक संसाधनों के आदान-प्रदान को नई दिशा देगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और उनकी प्रतिभा को निखारना संस्थान की प्राथमिकता है। एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना आवश्यक है। इस एमओयू से दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक एवं व्यावहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान होगा तथा विद्यार्थियों को नए क्षेत्रों में सीखने, विशेषज्ञों से संवाद करने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. अमरजीत सिंह ने कहा कि श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी और महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी सोलन दोनों गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा को प्राथमिकता देने वाले संस्थान हैं। यह सहयोग पाठ्यक्रमों में नवीनता, शोध एवं नवाचार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक सहयोग विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की शिक्षा के साथ वास्तविक अनुभव और नई संभावनाओं से जुड़ने का मौका प्रदान करते हैं। एमओयू के मौके पर श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर एवं आईक्यूएसी डायरेक्टर डॉ. अवधेश शर्मा मौजूद रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों संस्थानों के बीच यह अकादमिक साझेदारी शिक्षा, शोध, नवाचार, कौशल विकास और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के क्षेत्र में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। साथ ही, यह विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
