– नामांकन के बाद पति राजेन्द्र चौधरी बोले-जनता की मांग पर भाजपा से अलग होकर चुनाव मैदान में उतरे, धर्मशालाओं के जीर्णोद्धार का भी किया वादा
हनुमानगढ़। नगर परिषद हनुमानगढ़ के 11 सितम्बर को होने वाले निकाय चुनाव में वार्ड 57 का मुकाबला रोचक होता नजर आ रहा है। पूर्व पार्षद अंजू चौधरी ने सोमवार को वार्ड 57 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी। नामांकन के बाद उनके समर्थकों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। पूर्व पार्षद अंजू चौधरी के पति राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि अंजू चौधरी के पक्ष में जोर-शोर से जनसंपर्क और चुनाव प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने वार्ड के मतदाताओं से अपील की कि 11 सितम्बर को अंजू चौधरी के पक्ष में मतदान कर उन्हें विजयी बनाएं।
पट्टों का मुद्दा बनेगा चुनाव का प्रमुख आधार
राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि चुनाव में आईजीएसटीपी कॉलोनी में पट्टे नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। उनका कहना है कि कॉलोनी के लोगों को कई वर्षों से पट्टों का इंतजार है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वार्ड की जनता की मूलभूत जरूरतों को लेकर चुनाव मैदान में उतरे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध करवाने, क्षेत्र की सभी धर्मशालाओं का जीर्णोद्धार करवाने और उन्हें वातानुकूलित बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद वार्ड के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
जनता की मांग पर निर्दलीय चुनाव
राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि इस बार वार्ड की जनता चाहती थी कि अंजू चौधरी भाजपा के टिकट पर नहीं, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ें। जनता की इसी मांग को देखते हुए उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा गया है। भाजपा से समर्थन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने निर्दलीय विधायक का नहीं, बल्कि भाजपा की ओर से नगर परिषद सभापति बनाए गए सुमित रणवां का समर्थन किया था। हालांकि उन्होंने कहा कि वे निर्दलीय विधायक के साथ जरूर हैं। राजेन्द्र चौधरी ने दावा किया कि नगर परिषद हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक गुट का बोर्ड बनना तय है। वार्ड 57 में निर्दलीय प्रत्याशी अंजू चौधरी के मैदान में उतरने के बाद अब यहां मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने के आसार हैं।
