हनुमानगढ़। जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खण्ड की ओर से सोमवार को भाखड़ा प्रणाली की नहरों का साप्ताहिक वरीयताक्रम जारी किया गया। यह वरीयताक्रम 20 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक नहर आठ दिन पूरी चलाने के बाद बंद की जाएगी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार भाखरांवाली (बीकेडब्ल्यू) नहर में 50 क्यूसेक, करनीसिंह (केएसडी) में 405, मम्मड़खेड़ा (एमएमके) में 660, जोड़कियां (जेआरके) में 780, सूरतगढ़ (एसटीजी) में 900, भगतपुरा (बीजीपी) में 938, संगरिया (एसएनजी) में 944, नगराना (एनजीडी) में 952, लीलांवाली (एलएलडब्ल्यू) में 1200, रतनपुरा (आरटीपी) में 1211, नाथवाना (एनटीडब्ल्यू) में 1239, प्रतापपुरा (पीटीपी) में 1344, हरिपुरा (एचआरपी) में 1357, दीनगढ़ (डीएनजी) में 1370, सूरतपुरा (एसटीपी) में 1379, मोडिया (एमओडी) में 1539, पीलीबंगा (पीबीएन) में 1774, लोंगवाला (एलजीडब्ल्यू) में 1889, अमरपुरा (एएमपी) में 1982, रोड़ांवाली (आरआरडब्ल्यू) में 1995, नवां-सतीपुरा (एनडब्ल्यूएन) में 2006 व मोरजण्डा (एमजेडी) नहर में 2216 क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नहरों में पानी के उतार-चढ़ाव को देखते हुए अगर किसी नहर के रेगुलेशन में बदलाव करना पड़ा तो भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड व जल संसाधन खंड प्रथम/द्वितीय के अधिशाषी अभियंता से विचार-विमर्श के बाद व्यवस्था की जाएगी। वास्तविक पानी संबंधित अधिशाषी अभियन्ता की मांग अनुसार चलाया जा रहा है, यह कभी भी कम किया जा सकता है।
