– प्रयोगशाला जांच में तीनों नमूने अनसेफ मिले, राजा समोसा, भवानी मिष्ठान भंडार और न्यू आनंद स्वीट्स पर कार्रवाई, आगामी आदेशों तक कारोबार पर लगाम
हनुमानगढ़। त्योहारों के बीच खाद्य पदार्थांे में मिलावट का मामला सामने आया है। प्रयोगशाला जांच में बर्फी, मावा और पनीर के नमूने अनसेफ पाए जाने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने टाउन और नोहर के तीन प्रतिष्ठानों के खाद्य पंजीकरण आगामी आदेशों तक निलंबित कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट में तीनों खाद्य पदार्थांे में निर्धारित सामग्री के स्थान पर सस्ते पदार्थांे का प्रतिस्थापन किए जाने की पुष्टि हुई है। अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी रफीक मोहम्मद ने 28 सितंबर को टाउन के वार्ड नंबर 21 स्थित मैसर्स राजा समोसा से बर्फी (मावा मिठाई) का नमूना लिया था। जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर की जांच रिपोर्ट में यह नमूना अनसेफ पाया गया। इसी प्रकार 8 सितंबर को नोहर की साहवा रोड स्थित मैसर्स भवानी मिष्ठान भंडार से मावा का नमूना लिया गया था। इसकी जांच रिपोर्ट भी अनसेफ प्राप्त हुई। वहीं, टाउन की नई धानमंडी में संचालित मैसर्स न्यू आनंद स्वीट्स एवं नमकीन कॉर्नर से खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार ने 24 सितंबर को पनीर का नमूना लिया था। प्रयोगशाला जांच में यह नमूना भी अनसेफ पाया गया। डॉ. शर्मा ने बताया कि जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार तीनों खाद्य पदार्थांे में निर्धारित खाद्य सामग्री के स्थान पर सस्ते पदार्थांे का इस्तेमाल किया जाना पाया गया। अनसेफ खाद्य पदार्थांे का निर्माण, भंडारण एवं विक्रय मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा विनियम 2011 की धारा 32 के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों प्रतिष्ठानों के खाद्य पंजीकरण आगामी आदेशों तक निलंबित कर दिए गए हैं। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थांे में मिलावट करने और गुणवत्ता से समझौता करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ताओं को निर्धारित गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाएं।
