हनुमानगढ़। फूडग्रेन मर्चंट्स एसोसिएशन संस्था ने टाउन धान मण्डी में एमएसपी पर गेहूं खरीद एफसीआई के माध्यम से करवाए जाने तथा क वर्ग दलाल व्यापारियों को गेहूं पर आढ़त राशि 2.25 प्रतिशत दर से भुगतान एफसीआई से करवाने की मांग की है। इस संबंध में मंगलवार को एसोसिएशन पदाधिकारियों ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल के अनुसार राज्य सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार गेहूं पर आढ़त 2.25 प्रतिशत है। क वर्ग दलाल व्यापारी की ओर से किसान का गेहूं एफसीआई को खरीद करवाया जाता है। इसके लिए मण्डी में अन्य कृषि जिन्सों के विक्रय पर मिलने वाली आढ़त की भांति एफसीआई से आढ़त राशि देय होती है। वर्ष 2024-25 के दौरान केन्द्र सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2425 रुपए तय किया गया। 150 रुपए बोनस प्रति क्विंटल किसान को देय था। 2425 रुपए प्रति क्विंटल पर राज्य सरकार की ओर से निर्धारित आढ़त दर 2.25 प्रतिशत से आढ़त राशि 54.56 रुपए प्रति क्विंटल बनती है। लेकिन इसके स्थान पर एफसीआई की ओर से 41.40 रुपए प्रति क्विंटल गत वर्ष की भांति भुगतान किया जा रहा है। इससे प्रति क्विंटल 13.16 रुपए आढ़त राशि का प्रत्येक व्यापारी को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि मंडी के व्यापारियों को राज्य सरकार की ओर से निर्धारित दर 2.25 प्रतिशत से आढ़त राशि का भुगतान करवाया जाए। वर्ष 2026 के दौरान टाउन मंडी में एमएसपी पर किसान से ‘कÓ वर्ग दलाल व्यापारी के माध्यम से गेहूं खरीद केवल एफसीआई से टाउन मंडी में करवाया जाए, अन्य एजेंसी से नहीं। गत वर्ष की भांति जनाधार, गिरदावरी तथा जनाधार से जुड़े बैंक खाता के माध्यम से गेहूं की एमएसपी पर किसान से क वर्ग दलाल के माध्यम से खरीद करवाई जाए न कि बायोमैट्रिक पद्धति से।
