हनुमानगढ़। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में रबी विपणन सीजन के दौरान गेहूं खरीद की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में गेहूं की खरीद करने वाली छह प्रमुख एजेंसियों एफसीआई, एनसीसीएफ, राजफैड, नेफेड, आरएसएफसीएससी एवं तिलम संघ के स्टेट हेड वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने खरीद एजेंसियों के स्टेट हेड से गेहूं खरीद प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। एजेंसियों की ओर से अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए गए तथा पिछले सीजन में सामने आई समस्याओं से अवगत करवाया गया। जिला कलक्टर डॉ. यादव ने उन समस्याओं के क्रमवार समाधान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एफसीआई अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस बार राजस्थान के लिए कुल 83 हजार 290 यानी 4 करोड़ 16 लाख 45 हजार बारदाना बैग की आवश्यकता होगी। इसमें से हनुमानगढ़ जिले में गेहूं खरीद के लिए 1 करोड़ 59 लाख 18 हजार बारदाना बैग की जरूरत रहेगी। जिला कलक्टर ने सभी खरीद एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपनी टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करें तथा बारदाना एवं गोदामों की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करें, ताकि खरीद कार्य के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। इसके साथ ही जिला कलक्टर ने परिवहन व्यवस्था एवं गोदामों में स्टोरेज को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित कृषि उपज मंडी समिति के सचिव एवं डीडी मार्केटिंग को भी खरीद के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। जिला रसद अधिकारी सुनील घोड़ेला ने बताया कि इस वर्ष जिले को कुल 7 लाख 95 हजार 800 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बार नवाचार के रूप में ओटीपी आधारित पंजीकरण व्यवस्था लागू की जाएगी। साथ ही विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से गेहूं खरीद की जाएगी, ताकि समयबद्ध उठाव और भंडारण सुनिश्चित किया जा सके। एफसीआई की ओर से गोदामों के संबंध में एजेंसी का मूवमेंट प्लान एवं गोदामों की सूची उपलब्ध करवाई गई है। आवश्यकता पड़ने पर एफसीआई के माध्यम से अतिरिक्त गोदाम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। एफसीआई प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके पास रिजर्व स्पेस में 3 लाख 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं भंडारण की क्षमता उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त आरएसडब्ल्यूसी एवं सीडब्ल्यूसी से 40-40 हजार मीट्रिक टन गेहूं भंडारण को लेकर बातचीत चल रही है। पीडब्ल्यूएस के लिए टेंडर प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, ताकि समय रहते गोदामों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
