हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड की 39वीं वार्षिक साधारण सभा बुधवार को जंक्शन धानमंडी स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता बैंक अध्यक्ष राजेन्द्र सिहाग ने की। बैठक में कुल चार एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें गत वार्षिक साधारण सभा की कार्यवाही की पुष्टि, वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन, अंकेक्षण प्रतिवेदन का निस्तारण तथा लाभ-हानि खाता व संतुलन पत्र पर विचार शामिल रहा। सभा में वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित बजट के अनुमोदन एवं ऑडिटर की नियुक्ति पर भी निर्णय लिया गया। सदस्यों की ओर से दिए गए सुझावों के आधार पर किसान हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैंक के खर्चांे में कटौती करने तथा किसानों को ओटीएस योजना का लाभ देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। साधारण सभा में यह मुद्दा भी उठाया गया कि संचालक मंडल की बैठकें समय पर आयोजित नहीं होतीं। बैठक में प्रस्ताव लिया गया कि जो किसान समय पर ऋण चुका रहे हैं, उनकी अंतिम दो किश्तों का ब्याज पूरी तरह माफ किया जाए। सभा के दौरान बैंक के पूर्व सचिव पीरदान चारण पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। मंडल सदस्यों ने बताया कि उनके कार्यकाल की केवल एक वर्ष की ऑडिट हुई है, जिसमें करीब दस लाख रुपए के गबन की बात सामने आई है। सदस्यों ने पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल की विस्तृत जांच कराने की मांग की। बैंक अध्यक्ष राजेन्द्र सिहाग ने आरोप लगाया कि पूर्व सचिव ने अपने कार्यकाल में व्यापक भ्रष्टाचार किया और सरकारी वाहन का दुरुपयोग किया। जांच में उन्हें दोषी पाया गया है। उन्होंने बताया कि पद छोड़ने के सात माह बाद भी पूर्व सचिव की ओर से बैंक के एक कमरे पर कब्जा किया हुआ है, न तो किराया दिया जा रहा है और न ही कमरा खाली किया गया है। इस पर सभा में पूर्व सचिव से किराया वसूलने तथा उनके पूरे कार्यकाल की जांच कराने का प्रस्ताव पारित किया गया। अध्यक्ष सिहाग ने स्पष्ट किया कि संचालक मंडल की बैठकें नियमित रूप से हो रही हैं, हालांकि सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के कारण कई बार बैठकों में कुछ दिन की देरी हो जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैंक के साथ विश्वासघात करने वाले व्यक्ति से पूरी वसूली की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
