हनुमानगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कोहला गांव में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर गांव के प्रत्येक वर्ग-मातृशक्ति, युवा, बुजुर्ग और बच्चों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिससे सम्मेलन एक जन-आंदोलन का रूप लेता प्रतीत हुआ। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक रघुवीर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संरक्षक महंत राजूनाथ, गौशाला अध्यक्ष ओम ज्यानी एवं मंदिर समिति अध्यक्ष रामेश्वर सहारन मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गांव की माता-बहनों द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों से हुआ। इसके पश्चात महंत राजूनाथ ने भजन-कीर्तन कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

मुख्य वक्ता रघुवीर ने अपने संबोधन में संघ के पंच परिवर्तन के सिद्धांत को भारत के उज्ज्वल भविष्य का आधार बताया। उन्होंने सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी भाव, पर्यावरण संरक्षण एवं कुटुंब प्रबोधन जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इन मूल्यों को समाज के व्यवहार में उतारकर ही राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। हिंदू सम्मेलन के खंड सह संयोजक विजय कुमार ने जानकारी दी कि कार्यक्रम में सामाजिक समरसता हेतु गांव समिति द्वारा हर घर से दूध, घी एवं आर्थिक सहयोग एकत्र किया गया। इस सामूहिक प्रयास से लगभग 80 किलो दूध, 20 किलो घी एवं करीब 12,000 रुपये का आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे भंडारे एवं प्रसाद की व्यवस्था की गई।

सम्मेलन में उपस्थित सभी मातृशक्ति एवं भाई-बंधुओं ने हलवा, चना, पूरी एवं खीर का प्रसाद श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान महंत राजूनाथ ने “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई” का उद्घोष कर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया, जिससे उपस्थित जनसमूह में विशेष उत्साह का संचार हुआ। सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती के साथ किया गया। कार्यक्रम के पश्चात विभाग प्रचारक रघुवीर ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में महान बनाने के लक्ष्य को लेकर गांव की स्थायी संभाल हेतु गट व्यवस्था की रचना पर विचार-विमर्श किया तथा संगठनात्मक दृष्टि से आगे की कार्ययोजना तय की गई।
