हनुमानगढ़। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मक्कासर में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पीले रंग की छटा से सराबोर नजर आया। अध्यापकों एवं अभिभावकों ने पीले वस्त्र धारण कर बसंत ऋतु का स्वागत किया तथा मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की। समारोह के दौरान बसंत ऋतु के महत्व एवं शैक्षणिक जीवन में मां सरस्वती की उपासना की परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। विद्यालय प्रचार्या विमला ने अपने उद्बोधन में कहा कि बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक नहीं, बल्कि ज्ञान, विद्या और सृजनशीलता का पर्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को नए उत्साह, सकारात्मक सोच और लक्ष्यबद्ध प्रयासों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसी अवसर पर विद्यालय में मेगा अभिभावक–शिक्षक बैठक का भी सफल आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यवहार, उपस्थिति एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की।

कक्षा-वार प्रदर्शन रिपोर्ट, आगामी परीक्षाओं की तैयारी, सुधारात्मक सुझाव तथा विद्यार्थियों के लक्ष्य निर्धारण पर भी सार्थक चर्चा की गई। साथ ही विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी अभिभावकों को दी गई। प्रचार्या ने कहा कि अभिभावक–शिक्षक संवाद विद्यार्थियों की प्रगति का सशक्त आधार है और इसके लिए निरंतर सहयोग आवश्यक है। अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से बैठक अत्यंत सफल रही। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय स्टाफ द्वारा पौधारोपण भी किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके अलावा श्रद्धा एवं उल्लास के साथ कृष्ण भोग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मां सरस्वती को भोग अर्पित करने के पश्चात प्रसाद का वितरण सभी विद्यार्थियों में किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री सरस्वती वंदना, युवा विद्यार्थी संवाद एवं मेगा अभिभावक–शिक्षक बैठक का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, जिससे वे प्रेरित और जागरूक हुए। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं अभिभावकों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने पूरे आयोजन को विशेष रूप से सफल और यादगार बना दिया।
