हनुमानगढ़। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के समापन मौके पर शनिवार को जंक्शन स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग की महिला कांस्टेबलों की ओर से बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस की विशेष ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना रहा।


महिला पुलिसकर्मियों ने बालिकाओं को बताया कि यदि वे कभी अकेली हों या किसी संकट की स्थिति में फंस जाएं तो किस प्रकार सूझबूझ और साहस के साथ स्वयं की रक्षा कर सकती हैं। इस दौरान आत्मरक्षा के व्यावहारिक दांव-पेच सिखाए गए, जिससे बालिकाएं किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को गुड टच और बैड टच के बीच का अंतर भी सरल भाषा में समझाया गया, ताकि वे किसी भी गलत व्यवहार को पहचान सकें और समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें।


इसके साथ ही बालिकाओं के पास सामान्य रूप से उपलब्ध दुपट्टा, सेफ्टी पिन, पेन एवं अन्य छोटी-छोटी वस्तुओं को आत्मरक्षा के साधन के रूप में उपयोग करने की जानकारी दी गई। सेल्फ डिफेंस टीम के सदस्यों ने बताया कि अब तक टीम की ओर से जिले के लगभग 270 विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि विद्यालयों के आसपास नशेड़ी प्रवृत्ति के असामाजिक तत्वों का घूमना एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है।

ऐसे में बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में हिस्सा लिया और आत्मरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सीखे, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।
