हनुमानगढ़। एफसीआई बचाओ, खाद्य सुरक्षा बचाओ और मजदूर एकता संघर्ष जिंदाबाद के नारों के साथ 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी मजदूर हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जंक्शन में सेंट्रल वेयर हाउस गोदाम के मुख्य गेट पर सेंट्रल वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन पल्लेदार मजदूर यूनियन (सीटू) की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मजदूरों, पल्लेदारों एवं यूनियन पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन अध्यक्ष शिव कुमार एवं सचिव रणजीत कुमार ने कहा कि केन्द्र की भाजपा व आरएसएस समर्थित मोदी सरकार की ओर से लागू की गई चार श्रम संहिता (लेबर कोड) मजदूर विरोधी हैं, जिनके जरिए मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कोड्स के माध्यम से पूंजीपति घरानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है और मजदूरों को शोषण व असुरक्षा की ओर धकेला जा रहा है। 21 नवंबर 2025 को लेबर कोड लागू कर सरकार ने मजदूर वर्ग के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। यूनियन नेता गुरप्रेम सिंह ने कहा कि सरकार का यह दावा भ्रामक है कि लेबर कोड लागू होने से मजदूरों को समय पर वेतन मिलेगा। उन्होंने बताया कि पुराने श्रम कानूनों में वेतन न देने पर भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान था, जिसे नए कानूनों में समाप्त कर दिया गया है। इससे मालिकों की मनमानी बढ़ेगी। साथ ही न्यूनतम वेतन, बोनस, यूनियन अधिकार और श्रम विभाग की निगरानी व्यवस्था को भी कमजोर किया गया है। गुरप्रेम सिंह ने गोदामों और अनाज मंडियों के निजीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार मंडियों को चार ब्लॉकों में बांटकर निजी कंपनियों को सौंपने की योजना बना रही है, जिससे मजदूरों की एकता को तोड़ा जा सके। उन्होंने इसे फूट डालो और राज करो की नीति करार देते हुए कहा कि निजीकरण से रोजगार सुरक्षा खत्म होगी और ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा। वक्ताओं ने 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी मजदूर हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल चार लेबर कोड, श्रम शक्ति नीति-2025, निजीकरण, विनिवेश और आउटसोर्सिंग के खिलाफ मजदूरों की एकजुट आवाज होगी। बैठक में अफसर अली, जसपाल, महेश, अमित वर्मा, सुखपाल सिंह, विजय कुमार, मनोज, हरपाल सिंह और आलम खान इत्यादि मौजूद रहे।
