हनुमानगढ़। जिले में शादियों व अन्य सामाजिक आयोजनों के दौरान तेज आवाज में बजने वाले डीजे एवं ध्वनि यंत्रों से ध्वनि प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। रात्रि के समय तेज शोर के कारण आम नागरिकों, हृदय रोगियों, बुजुर्गां और विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस संबंध में शहर के सामाजिक कार्यकर्ता ने मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग की। सुशील बहल के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि प्रदूषण यंत्रों पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद जिले के कई क्षेत्रों में अर्धरात्रि तक तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। तेज शोर के कारण लोगों को रात में चैन की नींद भी नहीं मिल पा रही है और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बहल ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की कि रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि यंत्रों पर सख्ती से प्रतिबंध लागू करवाया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सके।
