हनुमानगढ़। राजकीय एनएमपीजी महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय तथा उच्च शिक्षा निदेशालय, राजस्थान की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सेमेस्टर प्रणाली लागू की गई, लेकिन विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में पर्याप्त समन्वय एवं व्यवस्थाओं के अभाव में अनेक खामियां सामने आ रही हैं। महेंद्र शर्मा के अनुसार सत्र 2025-26 में यूजी/पीजी तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के प्रवेश नवीनीकरण के लिए निदेशालय की ओर से 23 अक्टूबर से 22 नवम्बर 2025 तक तिथि निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में 22 दिसम्बर 2025, 22 जनवरी 2026 और फिर 6 फरवरी तक बढ़ाया गया। वर्तमान में यह तिथि 23 फरवरी 2026 (कुछ स्थानों पर 25 फरवरी तक) बताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय ने 12 से 20 जनवरी 2026 तक परीक्षा आवेदन भरवाकर तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर की परीक्षाएं 12 फरवरी 2026 से प्रारंभ करने की घोषणा कर दी। ऐसे में प्रवेश नवीनीकरण की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद परीक्षा आयोजित किया जाना छात्र-छात्राओं के हितों के साथ खिलवाड़ बताया गया है।
75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य, फिर बिना कक्षाओं के परीक्षा कैसे?
महेंद्र शर्मा के अनुसार राज्य सरकार के नियमों के अनुसार सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों में नियमित छात्र-छात्राओं के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर छात्र-छात्रा को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। छात्रवृत्ति, ट्रांसपोर्ट वाउचर एवं अन्य वित्तीय लाभ भी रोके जा सकते हैं। महेंद्र शर्मा का आरोप है कि तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित नहीं हुईं और पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं कराया गया। सेमेस्टर प्रणाली में कम से कम 90 कार्य दिवस अनिवार्य होते हैं, जबकि कई महाविद्यालयों में एक दिन भी नियमित कक्षा नहीं लगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रश्नचिह्न
महेंद्र शर्मा ने कहा कि एक ओर मंत्री से लेकर कुलपति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रवेश नवीनीकरण और परीक्षा प्रक्रिया में असंगति छात्र-छात्राओं की शिक्षा की गुणवत्ता को कमजोर कर रही है। महेंद्र शर्मा ने मांग की कि विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा निदेशालय स्पष्ट नीति बनाकर छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा करें तथा सेमेस्टर प्रणाली को व्यवस्थित रूप से लागू किया जाए।
