
हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने प्लेसमेंट के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के 62 इंजीनियरिंग छात्र-छात्राओं का चयन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टायर्स निर्माता कंपनी रेसे मितास टायर्स एलएलपी में हुआ है। चयनित छात्र-छात्राएं कंपनी के गुजरात स्थित भरूच (सायखा इंडस्ट्रीयल एस्टेट, वागरा) प्लांट में सेवाएं देंगे। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखा गया। छात्र-छात्राओं ने इस सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट सेल को दिया। इस प्लेसमेंट ड्राइव में कंपनी की ओर से एचआर एग्जीक्यूटिव हेमलता कुमारी एवं डिप्टी मैनेजर बृजेश राठवा शामिल रहे। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि हमारा निरंतर प्रयास रहा है कि छात्र-छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें औद्योगिक जगत की आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जाए। यह सफलता न केवल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी, बल्कि अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव ने बताया कि कंपनी की ओर से आयोजित कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में छात्र-छात्राओं की तकनीकी दक्षता, संवाद क्षमता और समस्या-समाधान कौशल का गहन मूल्यांकन किया गया। लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के कड़े चरणों के बाद 62 मेधावी छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। डायरेक्टर जनरल गिरीश चावला ने बताया कि चयनित छात्र-छात्राओं मुख्य रूप से प्रोडक्शन, क्वालिटी कं्रोल एवं मेंटेनेंस विभागों में कार्य करेंगे। गुजरात स्थित कंपनी के प्लांट में कार्य करने से छात्र-छात्राओं को यूरोपियन टेक्नोलॉजी पर आधारित अत्याधुनिक टायर निर्माण तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश जुनेजा ने कहा कि एसकेडी यूनिवर्सिटी का उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराना है। रेसे मितास टायर्स जैसी वैश्विक कंपनी में एसकेडीयू के छात्र-छात्राओं का चयन यह प्रमाणित करता है कि उनकी शिक्षा अंतरराष्ट्रीय मापदंडों पर खरी उतर रही है। भविष्य में और अधिक उद्योगों के साथ एमओयू के प्रयास रहेंगे। इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. कुलवंत सिंह ने कहा कि एक साथ 62 छात्र-छात्राओं का चयन विभाग के लिए गर्व का क्षण है। यह दर्शाता है कि विभाग छात्र-छात्राओं को थ्योरी के साथ-साथ इंडस्ट्री की व्यावहारिक जरूरतों के लिए भी तैयार कर रहा है। उनका लक्ष्य आने वाले समय में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हासिल करना है।
