
हनुमानगढ़। स्थानीय विधायक गणेश राज बंसल पर जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता के साथ दूरभाष पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। इससे नाराज जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शुक्रवार को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन करने वालों में हनुमानगढ़ के अलावा श्रीगंगानगर व बीकानेर जिलों के भी अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता को सुरक्षा देने के साथ विधायक को पाबंद करने आदि की मांग के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। मांग पूरी न होने पर उन्होंने कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। कर्मचारियों ने बताया कि जल संसाधन विभाग की आरसीपी कॉलोनी, लखूवाली हैड, चक 5 एलके व चक 1 एसटीबी में सिंचाई विभाग की भूमि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना निगम (ईआरसीपी) की आय के लिए उपयोग में लेने के संबंध में स्वीकृति प्रदान की गई है। सहायक शासन सचिव, जल संसाधन विभाग, राजस्थान की ओर से अधिशाषी अभियंता, सूरतगढ़ ब्रांच, जल संसाधन खण्ड-प्रथम, सूरतगढ़ को उप-महाप्रबंधक ईआरसीपी घोषित करते हुए उक्त हस्तान्तरित भूमि का अभिरक्षक नियुक्त किया गया है। चक 5 एलके में अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों/मकानों को खाली करवाने के लिए नियमानुसार अंतिम नोटिस दिए जा चुके हैं।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 25 दिसम्बर को हनुमानगढ़ विधायक गणेश राज बंसल की ओर से उक्त भूमि में से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई वापस लिए जाने एवं अतिक्रमण नहीं हटाने के संबंध में मुख्य अभियंता, जल संसाधन (उत्तर), हनुमानगढ़ पर दूरभाष पर दबाव बनाया गया। मुख्य अभियंता की ओर से जब यह कहा गया कि ऐसा करना सरकार के आदेशों की अवहेलना होगी, इसलिए वे ऐसा नहीं कर सकते। परंतु विधायक ने दूरभाष पर ही कहा कि वह उसे उनके आॅफिस में आकर देखता है। ऐसा सुनकर मुख्य अभियंता ने विधायक को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करने का अनुरोध करते हुए फोन काट दिया। परंतु एक बार फिर विधायक का फोन आया और विधायक ने फिर मुख्य अभियंता को धमकाया। मुख्य अभियंता की किसी भी बात को ढंग से न सुनते हुए यहां तक कहा कि वह अभी उनके आॅफिस में आकर उन्हें जूते मारेगा। साथ ही विधायक ने देख लेने की धमकी दी। कर्मचारियों ने कहा कि सुशासन दिवस पर विधायक का इस प्रकार का कृत्य अशोभनीय एवं निंदनीय है। इससे राज्य सरकार की छवि पर भी विपरित प्रभाव पड़ रह है।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विधायक की ओर से इस प्रकार का कृत्य पूर्व में भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध किया जाता रहा है। इस प्रकार के कृत्यों से कर्मचारी एवं अधिकारी भयग्रस्त हैं एवं कर्मचारी एवं अधिकारियों का मनोबल गिरा है। इससे राज्य सरकार के महत्वपूर्ण राजकीय कार्य संपादित नहीं हो पा रहे। जिला हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में अभियंता संवर्ग के सबसे बड़े पद मुख्य अभियंता को इस प्रकार की धमकी देना अस्वीकार्य है तथा इस प्रकार के कृत्य से हनुमानगढ़ जिले के सभी कर्मचारियों/अधिकारियों में रोष व्याप्त है। सभी कर्मचारी/अधिकारी इसकी कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि विधायक अपने किए गए कृत्य पर माफी मांगें। भविष्य में इस प्रकार की पुनर्रावृति न हो इसके लिए विधायक को पाबंद किया जाए। मुख्य अभियंता के सुरक्षा व्यवस्थार्थ पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी अधिशाषी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन करने के लिए विभाग के सभी कार्मिकों को मजबूर होना पड़ेगा।
