हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के अधीनस्थ वाग्भट वेलनेस एवं आयुष हॉस्पिटल की ओर से नि:शुल्क आयुर्वेदिक एवं नेचुरोपैथी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी पद्धति से रोगियों का उपचार किया गया। शिविर में कमर दर्द, घुटनों का दर्द, नसों में दबाव, माइग्रेन, एड़ी दर्द, आंखों से संबंधित रोगों सहित अन्य समस्याओं का उपचार किया गया। मरीजों को आयुर्वेद पद्धति से अभ्यंग, पोटली, संवेदन बस्ती, शिरोधारा, कर्णपूरण, स्पाइनल बाथ, हिप बाथ, हॉट फुट बाथ आदि उपचार उपलब्ध कराए गए। वहीं नेचुरोपैथी एवं फिजियोथेरेपी के माध्यम से भी उपचार किया गया। शिविर में हनुमानगढ़ एवं आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में मरीजों ने नि:शुल्क उपचार का लाभ उठाया। इस दौरान मरीजों को औषधीय जल एवं काढ़ा भी नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन विरासत है, जिसे संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई अंग्रेजी दवाइयों के खिलाफ नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा और पारंपरिक घरेलू नुस्खों को जीवित रखने की है।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य लोगों को निरोग एवं बिना दवाइयों के स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना है। प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा ने कहा कि वाग्भट वेलनेस एवं आयुष हॉस्पिटल के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों तक आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवनशैली के कारण बढ़ती बीमारियों से बचाव के लिए प्राकृतिक चिकित्सा, संतुलित दिनचर्या, योग और आयुर्वेद को अपनाना बेहद आवश्यक है। भविष्य में भी इस तरह के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर निरंतर आयोजित किए जाएंगे। शिविर के सफल आयोजन में मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रुति वशीलू, हॉस्पिटल समन्वयक अनिल जांदू, डॉ. साहिल ग्रोवर, डॉ. मीनाक्षी बिश्नोई, फिजियोथेरेपी विभाग से डॉ. नवजोत सिंह, प्रदीप शर्मा तथा थेरेपिस्ट अनुभव सैनी, सिया सैनी, गुरुदास, प्रेरणा, निखिल, आकाश, पूजा, विक्रम का सहयोग रहा।
