
हनुमानगढ़। टाउन की मुखर्जी कॉलोनी में शुक्रवार को यूथ वीरांगनाओं की ओर से गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों के बलिदान को समर्पित वीर बाल दिवस मनाया गया। यूथ वीरांगनाओं ने जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के साथ यह पावन दिवस मनाते हुए समाजसेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सर्दी से राहत देने के उद्देश्य से गर्म जर्सी, कपड़े एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। यूथ वीरांगनाओं ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे संवाद किया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं जो उनकी देखभाल और उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव तत्पर हैं। ठंड के मौसम में बच्चों को गर्म कपड़े प्रदान करना न केवल एक सहायता थी, बल्कि मानवीय संवेदना का सशक्त संदेश भी था। यूथ वीरांगना रजनी ने बताया कि हर वर्ष वीर बाल दिवस एवं नववर्ष का उत्सव जरूरतमंद बच्चों के साथ मनाया जाता है, ताकि बच्चों को अपनापन, सुरक्षा और सम्मान का अहसास कराया जा सके। उन्होंने कहा कि यूथ वीरांगनाएं केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए समय-समय पर पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। यूथ वीरांगनाएं समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गांे के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नि:शुल्क सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए गए हैं। ऑनलाइन सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं ताकि महिलाएं घर बैठे ही नई तकनीकें और कौशल सीख सकें। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार की ओर अग्रसर हो रही हैं, जिससे वे अपनी और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना पा रही हैं। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग, बीमार व्यक्तियों को चिकित्सा सहायता, स्वास्थ्य जांच एवं दवाइयों की व्यवस्था जैसे कार्यांे में भी यूथ वीरांगनाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाजसेवा, बलिदान और मानवता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस प्रकार की पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करती हैं और अन्य लोगों को भी प्रेरित करती हैं कि वे अपने स्तर पर जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं। इस मौके पर ऐशना, रजनी, ममता, सुनीता, कंचन, सीमा, भावना सहित अन्य यूथ वीरांगनाएं मौजूद रहीं।
