हनुमानगढ़। श्री खुशाल विश्वविद्यालय के विधि संकाय की ओर से सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से नालसा की डॉन योजना-2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय युवा दिवस पर नशा मुक्ति एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विधि संकाय की लीगल एड क्लिनिक की ओर से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव गजेन्द्र तेनगुरिया रहे। वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति विशेष को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि युवा नशे की चपेट में आ जाए, तो देश का भविष्य भी प्रभावित होता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर अपने जीवन को सही दिशा दें और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव गजेन्द्र तेनगुरिया ने कहा कि नशा न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनी अपराधों को भी जन्म देता है। उन्होंने नालसा-डॉन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कानून, नैतिकता और सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश देते हुए कहा कि युवा वह है जो परिवर्तन करने लिए कुछ नया करने की सोचता है। वही सोच भारत को नए स्तर पर लेकर जाएगी। विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल गिरीश चावला ने कहा कि छात्र-छात्राओं ने जो क्षेत्र चुना है उसमें नैतिकता की बहुत आवश्यकता है। नैतिकता को न छोड़ें बल्कि सेवाप्रिय होकर कार्य करें। अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दें। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। अपने लक्ष्य की दिशा में हमेशा प्रयत्नशील रहें। विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम मेहरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान नशा विरोधी संदेशों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया तथा जिंदगी को हां कहें और नशे को नां के संकल्प के साथ नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने स्वयं नशा न करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। मंच संचालन डॉ. अन्नू खान ने किया।
