हनुमानगढ़। पेंशनर्स ने राज्य सरकार से आगामी बजट में उनकी कुछ मांगें शामिल करने की मांग की है। इस संबंध में मंगलवार को हनुमानगढ़ आए जिला प्रभारी मंत्री को राजस्थान पेंशनर समाज ने आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। समाज के पदाधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से संचालित आरजीएचएस के अन्तर्गत पेंशनर्स को दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रहीं। मेडिकल स्टोर्स के संचालकों का कहना है कि उनके काफी समय से बिल भुगतान से शेष हैं। आरजीएचएस के लिए राशि की लिमिट बढ़ाने के लिए आवेदन करने पर 15-20 दिन तक लिमिट नहीं बढ़ती। इसके कारण पेंशनर्स को दवाई लेने में काफी परेशानी होती है। आयुर्वेद विभाग के अन्तर्गत बीपी एवं शुगर की दवाई पेंशनर्स को उपलब्ध नहीं हो रही। फरवरी 2025 में सेवानिवृत्त हुए अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी राजस्व विभाग तेजपाल पण्डा को अभी तक पेंशन नहीं मिली है। राजपाल को सेवानिवृत्त हुए 14 साल से अधिक हो चुके हैं लेकिन उनकी कम्यूटेशन की कटौती बंद नहीं की गई है। जिन पेंशनर्स ने अपना जीवित प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराया है उनका राज्य सरकार के स्तर से स्वीकार नहीं किया गया। अब उन्हें दोबारा जीवित प्रमाण पत्र ऑनलाइन करवाना पड़ रहा है। पेंशनर्स ने मांग की कि जो कर्मचारी 31 दिसम्बर 2025 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं उन्हें आठवें वेतन आयोग का लाभ दिलाया जाए। जो पेंशनर 80 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेते हैं उन्हें 20 प्रतिशत पेंशन का लाभ दिया जाता है। 65, 70, 75, 80 प्रत्येक वर्ष 5-5 प्रतिशत का लाभ दिया जाए।
