हनुमानगढ़। एक जनवरी से जिले में चल रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन शनिवार, 31 जनवरी को जंक्शन स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में किया गया। पुलिस अधीक्षक हरि शंकर के निर्देशन में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में यातायात पुलिस की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न सरकारी व निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों के साथ विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं अध्यापक भी मौजूद रहे।



इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ सेल्फी करवाने के लिए बच्चों में होड़ दिखी। कार्यक्रम में सीओ सिटी मीनाक्षी चौधरी, एससीएसटी सीओ करण सिंह बराड़, यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिन्दा, साइबर थाना प्रभारी रघुवीर सिंह बीका, समाजसेवी अमन संधू, पूर्व उपसभापति नगीना बाई सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की मौजूद रही। समापन कार्यक्रम के दौरान बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से तीन प्रमुख गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रथम चरण में यातायात नियमों की जानकारी देते हुए सुरक्षित सड़क व्यवहार के बारे में समझाया गया।


इसके साथ ही बच्चों को साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया, ताकि वे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकें। द्वितीय चरण में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों विशेष रूप से बालिकाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय सिखाए गए। इस प्रशिक्षण को बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ ग्रहण किया। तृतीय चरण में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए स्लोगन के माध्यम से यातायात नियमों की पालना, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, तेज गति से वाहन न चलाने जैसे संदेश आमजन तक पहुंचाए।



उत्कृष्ट पोस्टर बनाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस मौके पर एसपी हरि शंकर ने कहा कि यातायात शाखा की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर किए गए नवाचारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग से आमजन तक संदेश तेजी से पहुंचा है। इसके चलते बीते वर्षांे की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं और हादसों में होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।


हालांकि घायलों की संख्या में वृद्धि हुई है, फिर भी दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों में कमी दर्ज की गई है। कार्यक्रम के समापन पर यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिन्दा ने मौजूद सभी लोगों को यातायात नियमों की पालना करने और सड़क सुरक्षा को जीवन का हिस्सा बनाने की शपथ दिलाई।
