हनुमानगढ़। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध मे करनी धर्मशाला हनुमानगढ़ टाउन मे बैठक हुई। जिसमें यूजीसी एक्ट को लेकर सामान्य वर्ग में गहरा रोष व्याप्त है और इसे भेद भाव पूर्ण बताते हुए इसके विरोध में खुलकर रोष प्रकट किया। गौरतलब है कि यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में अब सत्तासीन पक्ष से जुड़े कार्यकर्ता और भाजपा सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि भी खुलकर मैदान में उतर आए हैं।

सामान्य वर्ग के लोगों के साथ हुई विभिन्न बैठकों और विचार-विमर्श के बाद इस कानून को सामान्य वर्ग के खिलाफ बताया गया है। लोगों का कहना है कि इस एक्ट के माध्यम से सामान्य वर्ग को पूर्वाग्रह से ग्रसित मानते हुए दोषी ठहराने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। बुधवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा सहयोगी संगठनों के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे।

बैठक में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. निशांत बत्तरा,वरिष्ट भाजपा नेता प्रेम बंसल, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष भगवान सिंह खुड़ी,श्री करनी राजपूत सर्व हितकारनी समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह भालेरी, भवानीशंकर शर्मा, धन्नेसिंह राठौड़, सूर्य प्रकाश जोशी, डॉ एम.पी शर्मा, वैध शिव कुमार शर्मा, लियाकत अली , करण सिंह राठौड़ पूर्व सरपंच, भूपेंद्र कौशिक, राम लुभाया तिना अध्यक्ष आरोड वंश समाज, सरदार बालकरण सिंह ढिल्लों, अनिल धुडिाया,प्रधान गुरबूटा सिंह गुरूद्वरा प्रेमनगर, सुशील जैन, पृथ्वीराज शर्मा, पृथ्वी शर्मा शूरवीर, ललित जैन, हरिओम शर्मा, अविनाश शर्मा, सहित अन्य सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 में सामान्य वर्ग के प्रति भेदभावपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सामान्य वर्ग को पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर दोषी न माना जाए और झूठी शिकायतें करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि भेदभाव की परिभाषा को पूर्व में लागू नियमों के अनुसार यथावत रखा जाए तथा नए कानून में उल्लेखित जातिगत प्रावधानों को समाप्त किया जाए। इस मोके पर सर्व समाज के प्रबुद्व जनो ने सर्व सहमती से यह निर्णय लिया कि वर्तमान में इस कानून ’यूजीसी एक्ट 2026 की कोई आवश्यकता नही है ।

इसलिए इस काले कानून को वापिस लिया जाये। बैठक में उपस्थि प्रबुद्व जन भागीरथ शेखावत,सुरेन्द्र सिंह शेखावत,अश्वनी बंसल,धन्ने सिंह,प्रेम सिंह शैखावत,अजीत सिंह़,अशोक ख्च्चिी,पदम सिंह राठौड़,गिरीराज शर्मा, नरेन्द्र शर्मा,संदीप छाबड़ा,चिमन नगापाल,गुरश्याम सिंह कमरानी,सचिन शर्मा,प्रेम दाधीच जय भगवान सोनी,राजेश प्रेमजानी,कृष्णकांत पारवानी,सुरेश लखीसरानी,जयराम, पवन पारीक,हरीओम शर्मा, देवेन्द्र पपनेजा,हिम्मत सिंह राठौड़,किशोर सिंह,रविन्द्र सिंह राठौड़,लुणाराम पारीक,विरेन्द्र उपाध्याय,पीयूष मोंगा,हरी खदरीया आदि उपस्थि रहे।

