
हनुमानगढ़। दिवंगत अशोक पूनिया की दूसरी पुण्यतिथि के मौके पर जंक्शन धानमंडी के सामने, कोर्ट रोड स्थित व्यापार संघ धर्मशाला में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में पूनिया परिवार के अलावा परिचितों ने रक्तदान किया। सुबह से ही रक्तदान के लिए युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। मनोज गोदारा निवासी पीलीबंगा ने बताया कि दो साल पहले सड़क हादसे में उनके जीजा अशोक पूनिया की आकस्मिक मौत हो गई। अशोक पूनिया मिलनसार प्रवृत्ति के थे। वे समाजसेवा के कार्यांे में हमेशा अग्रणी रहते थे। रक्तदान शिविर भी समाज की सेवा का माध्यम है। क्योंकि अक्सर देखा गया है कि कई बार मौके पर जरूरत के ग्रुप का ब्लड संबंधित मरीज के परिवार में उपलब्ध नहीं होता। तब इस तरह के शविरों के माध्यम से दान किया गया रक्त ही काम आता है। रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बन सकता। अगर कोई रक्त का दान करता है तो इससे बड़ी सेवा कोई और नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में रोजाना हो रहे हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है। यह सब यातायात नियमों की अवहेलना करने से हो रहा है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे वाहन को स्वयं, परिवार व दूसरों के जीवन की रक्षा को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी के साथ चलाएं। उन्होंने रोड सेफ्टी के रूल्स स्कूल लेवल से शुरू करने का सुझाव देते हुए कहा कि अगर बच्चे इसको समझेंगे तो वे आगे चलकर अच्छे और जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।

शिविर में रक्तदान करने के बाद कांग्रेस नेता भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि इस तरह के शिविरों के माध्यम से रक्त की कमी काफी हद तक पूरी होती है। रक्तदान करने को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं लेकिन 60 साल तक की आयु का स्वस्थ व्यक्ति हर तीन माह में रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से किसी प्रकार का कमजोर नहीं आती। उन्होंने दिवंगत अशोक पूनिया की स्मृति को चिरस्थाई बनाने के मकसद से उनकी पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए पूनिया परिवार की सराहना की।
