
हनुमानगढ़। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के बैनर तले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर में नर्सिंग कर्मियों का बेमियादी धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे नर्सिंग कर्मियों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग दोहराई। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गुगनराम सहारण ने कहा कि सीएमएचओ कार्यालय की ओर से 22 दिसम्बर को जारी कार्यव्यवस्था आदेश पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। इस आदेश के तहत नर्सिंग ऑफिसर दीपिका शर्मा को कार्य व्यवस्था में लाल चौक के नजदीक स्थित राजकीय चिकित्सालय में लगाने के संबंध में बिना ठोस कारण के आदेश जारी किया गया, जो नर्सिंग अधिकारियों के सम्मान और अधिकारों के खिलाफ है। लेकिन विभाग की ओर से इस आदेश को निरस्त नहीं किया जा रहा। सहारण ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है और उनके साथ इस तरह का व्यवहार न केवल उनका मनोबल तोड़ता है, बल्कि आमजन को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्रभावित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीडी क्लिनिक के पोर्टल का संचालन केवल मेडिकल ऑफिसर (एमओ) की ओर से ही किया जाना चाहिए। इस संबंध में स्पष्ट और लिखित आदेश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की मनमानी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। यदि प्रशासन समय रहते संवाद कर समाधान निकालता है तो किसी भी प्रकार के आंदोलन से बचा जा सकता है, लेकिन लगातार अनदेखी से नर्सिंग कार्मिकों में असंतोष गहराता जा रहा है। यदि अब भी प्रशासन उनकी जायज मांगों को लेकर गंभीर नहीं होता है तो शुक्रवार को संगठन की ओर से रणनीति तैयार कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
