हनुमानगढ़। टाउन स्थित राजकीय नेहरू मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को नए आपराधिक कानून और साइबर जागरूकता कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. रामपाल अहरोदिया ने की। कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत बीपीआरडी की जयपुर शाखा सीडीटीआई की ओर से किया गया। इसमें जिला पुलिस टीम, सीएमएचओ कार्यालय की टीम, छात्र-छात्राएं, समाजसेवी और आम नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सीडीटीआई अधिकारियों और साइबर पुलिस थाना से आए साइबर विशेषज्ञों ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों और उनसे बचाव के उपायों पर जानकारी दी। सीडीटीआई से कोर्स को-ऑर्डिनेटर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से भी नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यदि नागरिक पहले से सतर्क रहें तो साइबर फ्रॉड की घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के 633 महाविद्यालयों में इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बजाज फाइनेंस के प्रतिनिधि फिरोज और रोहन शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि बजाज फाइनेंस की ओर से देश के 100 से अधिक शहरों में फ्रॉड अवेयरनेस अभियान चलाया जा रहा है, ताकि आमजन को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाया जा सके और वित्तीय लेन-देन को सुरक्षित बनाया जा सके।

सीडीटीआई जयपुर से आए साइबर विशेषज्ञ योगेश राव ने कहा कि साइबर फ्रॉड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। तकनीक के विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड होता है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा दूरसंचार विभाग की संचार साथी सेवा के माध्यम से भी टेलीकॉल से संबंधित धोखाधड़ी की शिकायत की जा सकती है।
