हनुमानगढ़। जिले में परिवार कल्याण कार्यक्रम को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सोमवार 19 जनवरी से परिवार कल्याण के अस्थायी साधनों जैसे कंबाइंड ओरल कांट्रेसेप्टिव पिल्स (सीओसीपी) तथा अंतरा इंजेक्शन का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेख शर्मा, सांख्यिकी अधिकारी कपिल शर्मा, रघुवीर बेनीवाल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रशिक्षण दिया।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल ऑफिसर्स, सीएचओ एवं एएनएम को परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों के सही उपयोग, लाभ, सावधानियों एवं परामर्श से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कार्मिकों की क्षमता वृद्धि करना, ताकि वे आमजन को सुरक्षित एवं प्रभावी परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध करवा सकें। गुरुवार को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का चार दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद कर प्रशिक्षण की उपयोगिता पर चर्चा की और उन्हें प्राप्त ज्ञान को फील्ड स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

डॉ. अखिलेश शर्मा ने कहा कि अस्थायी परिवार नियोजन साधनों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है तथा अनियोजित गर्भधारण को रोका जा सकता है। वहीं, सांख्यिकी अधिकारी कपिल ने परिवार कल्याण कार्यक्रम की सफलता में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। प्रशिक्षण के माध्यम से जिले में अंतरा इंजेक्शन डीएमपीए एवं कंबाइंड ओरल पिल्स के सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण वितरण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।
