हनुमानगढ़। राजस्थान सरकार की आरजीएचएस (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) योजना में कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में कटौती के विरोध में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष चंद्रभान ज्याणी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पटवार विश्रांति भवन से स्वास्थ्य मंत्री राजस्थान सरकार का प्रतीकात्मक जनाजा निकालते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान महासंघ पदाधिकारियों ने राज्य सरकार द्वारा आरजीएचएस योजना को इंश्योरेंस मोड पर देने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि कुछ निजी अस्पतालों, फार्मेसी संचालकों एवं कर्मचारियों की अनियमितताओं का हवाला देकर सरकार निर्दोष कर्मचारियों के चिकित्सा अधिकारों में कटौती कर रही है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजना के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की गई तो प्रदेशभर के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेंगे। जिला मंत्री रामनिवास ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के सरकारी अस्पताल पहले से ही चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं आधारभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों के वेतन से नियमित अंशदान लेने के बावजूद आरजीएचएस सुविधाओं में कटौती करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि लगभग 4300 करोड़ रुपये की इस योजना की मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर मात्र 34 कर्मचारियों एवं अधिकारियों का दल गठित है, जबकि प्रतिदिन करीब 50 हजार कर्मचारियों की टीआईडी जनरेट होती है। ऐसे में करीब 10 हजार निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स की निगरानी करना बेहद कठिन है, जिसके चलते बिना समुचित सत्यापन के करोड़ों रुपये के भुगतान किए जा रहे हैं। कर्मचारी नेता राममूर्ति स्वामी ने कहा कि यदि इंश्योरेंस कंपनियां प्रभावी मॉनिटरिंग के जरिए भ्रष्टाचार पर नियंत्रण कर सकती हैं, तो सरकार भी पर्याप्त स्टाफ नियुक्त कर यह कार्य कर सकती है। उन्होंने आरजीएचएस के संचालन और निगरानी के लिए अलग से पर्याप्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों का सेल गठित करने की मांग की। महासंघ ने बताया कि प्रांतीय निर्णय के अनुसार दूसरे चरण के आंदोलन के तहत प्रत्येक उपखंड स्तर पर विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही 15 मई से 25 मई तक चिकित्सा मंत्री के सरकारी दौरों का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन में नर्सेज एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष संतोष, पटवार संघ के जिला अध्यक्ष अमर सिंह दहिया, पशु चिकित्सक संघ के जिला अध्यक्ष विजय किरोड़ीवाल, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के जिला अध्यक्ष जगनंदन सिंह, सांख्यिकी अधीनस्थ कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार बागड़ी, मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष इंद्रजीत शर्मा, नल मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष बालकृष्ण मावड़, ग्राम विकास अधिकारी संघ के उपाध्यक्ष अमर सिंह बिश्नोई, चरण सिंह सिराव, पूर्व जिला अध्यक्ष जनक सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे।
