हनुमानगढ़। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और जिले के किसानों की समस्त उपज की खरीद सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शनिवार को किसानों ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष महापंचायत की। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, व्यापारी और विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभा में वक्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक किसानों के हित में ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला कलक्ट्रेट के चारों ओर बेरिकेडिंग की गई। मौके पर भारी पुलिस जाप्ता, वाटर कैनन, आरएसी के जवान तथा बीकानेर संभाग से बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि इस वर्ष जिले के किसानों ने पिछले साल की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक गेहूं उत्पादन किया है, इसके बावजूद सरकार ने खरीद लक्ष्य में 15 प्रतिशत की कटौती कर दी। दूसरी ओर कोटा संभाग में खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 6 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया, जबकि वहां उत्पादन की स्थिति हनुमानगढ़ जैसी नहीं थी और वहां 8.60 लाख मीट्रिक टन तक खरीद हो चुकी है। किसान नेताओं ने कहा कि जिले में पिछले दिनों कई बार धरने-प्रदर्शन और आंदोलन किए गए, लेकिन सरकार ने किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया।

उनका आरोप था कि जंक्शन, टाउन, पीलीबंगा, संगरिया और टिब्बी सहित विभिन्न मंडियां गेहूं से भरी पड़ी हैं तथा खुले में पड़ा अनाज खराब हो रहा है। इसके बावजूद खरीद प्रक्रिया अपेक्षित स्तर पर नहीं चल रही है। वक्ताओं ने दावा किया कि जिले के किसानों का अभी भी लगभग 35 प्रतिशत गेहूं घरों और खेतों में पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि खरीद नहीं बढ़ाती है तो किसान, मजदूर और व्यापारी संयुक्त रूप से आंदोलन को और तेज करेंगे। किसान नेताओं ने पीलीबंगा में रेलवे ट्रैक जाम के बाद हुए समझौते का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि सरकार ने खरीद अवधि बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन पोर्टल कई दिनों तक बंद रहा। उन्होंने मांग की कि केवल खरीद लक्ष्य बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि खरीद सीमा और अवधि दोनों में वृद्धि की जाए। महापंचायत में चेतावनी दी गई कि जब तक किसानों का पूरा गेहूं एमएसपी पर नहीं खरीदा जाता, तब तक आंदोलनकारी जिला कलक्ट्रेट के सामने डटे रहेंगे और किसान की उपज का ‘दाना-दानाÓ तुलवाने तक संघर्ष जारी रहेगा। महापंचायत को किसान नेता रामेश्वर वर्मा, रेशमसिंह माणुका, रघुवीर वर्मा, शेर सिंह शाक्य, मंगेज चौधरी, प्रो. ओम जांगू, जगजीत सिंह जग्गी, सुभाष गोदारा, मोहन लोहरा तथा सुरेन्द्र शर्मा सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
