हनुमानगढ़। गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत शुक्रवार को जंक्शन स्थित अबोहर मार्ग पर श्री गोविंद धाम गोशाला में गोभक्तों व गोरक्षकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चंडीगढ़ से पधारे संत गोविन्दाचार्य महाराज ने विशेष रूप से हिस्सा लिया और अभियान की रूपरेखा साझा की। बैठक में 26 अप्रैल को शाम 6 बजे निकाली जाने वाली वाहन रैली की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने बताया कि रैली के माध्यम से आमजन को गो संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। संत गोविन्दाचार्य महाराज ने कहा कि यह अभियान पूरी तरह गोमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए समर्पित है, जिसमें संत समाज और आमजन की सक्रिय भागीदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक उद्देश्य से जुड़ा कार्यक्रम नहीं है, बल्कि राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान है। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को देश की करीब पांच हजार तहसीलों में एक साथ सुबह 11 बजे तहसीलदारों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे, जिसमें गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। साथ ही केन्द्र स्तर पर गो संरक्षण के लिए अलग मंत्रालय बनाने और किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की भी मांग की जाएगी। महंत ने कहा कि संविधान के अनुरूप गोमाता को सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए। राजस्थान में इस दिशा में मंत्रालय की व्यवस्था है, उसी प्रकार पूरे देश में भी ऐसी पहल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोमाता केवल गोशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के दिलों में बसती है। उन्होंने संतों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं और जब संत आगे आते हैं, तब समाज स्वत: ही गोसेवा के लिए प्रेरित होता है। बैठक में बड़ी संख्या में गोभक्तों व गोरक्षकों ने भाग लेकर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
