हनुमानगढ़। सरपंच संघ हनुमानगढ़ ने ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं सफाई कार्यांे में कथित कमियों के आधार पर प्रशासकों को पदमुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई है। ग्राम पंचायतों के प्रशासकों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। सरपंच संघ जिलाध्यक्ष धर्मपाल थालौड़ ने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है, लेकिन हनुमानगढ़ जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतें बजट की कमी से जूझ रही हैं। इसके कारण सफाई कार्यांे के भुगतान, कचरा प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में केवल स्वच्छता व्यवस्था में आई कमियों को आधार बनाकर प्रशासकों को पदमुक्त करना न्यायसंगत नहीं है। ग्राम पंचायत प्रशासक रामेश्वर लाल कड़ेला ने बताया कि प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता कार्यांे के लिए निविदाओं के माध्यम से फर्मांे को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में कार्यांे में कमी पाए जाने पर संबंधित फर्मांे के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि बिना पर्याप्त जांच के प्रशासकों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। प्रशासकों ने आरोप लगाया कि हाल ही में हनुमानगढ़ जिले की तीन ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को बिना ठोस साक्ष्यों, निष्पक्ष जांच और पक्ष रखने का अवसर दिए पदमुक्त किया गया, जिससे जनप्रतिनिधियों में असंतोष और आमजन में चिंता का माहौल बना है। प्रशासकों का कहना है कि किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि ग्राम पंचायतों में सफाई एवं स्वच्छता कार्यांे के लिए प्रति माह अलग से पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए, पदमुक्त किए गए प्रशासकों को तत्काल प्रभाव से पुन: बहाल किया जाए तथा भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच और वास्तविक परिस्थितियों का मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पंचायतों से जुड़े मामलों में संबंधित प्रशासक, अधिकारी, फर्म या अन्य पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए तथा सभी मामलों में पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाई जाए। सरपंच संघ पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार न्याय, पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया के सिद्धांतों के अनुरूप उचित निर्णय लेकर पंचायत प्रतिनिधियों की चिंताओं का समाधान करेगी। इस मौके पर सोनू चोपड़ा, रामकुमार, पृथ्वीराज, बद्रीप्रसाद, संदीप कुमार, चेतराम, रफीक लोदी सहित कई अन्य प्रशासक व प्रशासक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
