हनुमानगढ़। जल संसाधन विभाग में कार्यरत डिप्लोमा अभियंताओं ने गुरुवार को पड़ोसी जिले श्रीगंगानगर में हुई एक घटना को लेकर शुक्रवार को जल संसाधन (उत्तर) हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के बाद एडीएम के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया गया। अभियंताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स (ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स से संबद्ध) के बैनर तले अभियंताओं ने बताया कि हाल ही में श्रीगंगानगर क्षेत्र के विधायक जयदीप बिहाणी से जुड़ा एक प्रकरण सामने आया है, जिसमें अभियंताओं के साथ अभद्र व्यवहार और गंभीर घटना घटित होने का आरोप है। अभियंताओं ने इसे पूरे इंजीनियर वर्ग के सम्मान और सुरक्षा पर आघात बताया। ज्ञापन में अभियंताओं ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करवाई जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि घटना के दौरान अभियंताओं के मोबाइल फोन छीने जाने के कारणों की विस्तृत जांच होनी चाहिए। अभियंताओं ने संदेह जताया कि इतनी गंभीर घटना का किसी भी सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना सुनियोजित हो सकती है, जिसमें जानबूझकर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया हो। इसलिए विधायक आवास एवं आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की गई। इसके अलावा ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अभियंताओं की गिरफ्तारी से पहले उनका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया, जिसकी जांच कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अभियंताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच नहीं की गई तो प्रदेशभर के अभियंता लोकतांत्रिक तरीके से हड़ताल और आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में संचालित जनहितकारी ग्रामीण रथ अभियान में अभियंताओं की भागीदारी भी तत्काल प्रभाव से स्थगित की जा सकती है। अभियंताओं ने राज्य सरकार से इस गंभीर मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि अभियंता वर्ग का शासन-प्रशासन पर विश्वास बना रहे और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
