हनुमानगढ़। ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने आवाज बुलंद की है। संघ ने मंगलवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए ठेका श्रमिकों के हितों की रक्षा और श्रम कानूनों के पालन की मांग की। भारतीय मजदूर संघ जिला मंत्री संदीप सिरावता ने बताया कि राजस्थान में लाखों श्रमिक निजी व सरकारी संस्थानों, कारखानों और विभिन्न विभागों में ठेके के माध्यम से काम कर रहे हैं। आरोप है कि इन श्रमिकों से नियमों के विरुद्ध कार्य करवाया जा रहा है और ठेका श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम 1970 व 1971 के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे श्रमिकों में भारी रोष है और औद्योगिक अशांति की स्थिति बन रही है। संघ ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि ठेका श्रमिक रखने वाले प्रत्येक संस्थान का पंजीकरण कानून के अनुसार अनिवार्य किया जाए। स्थायी प्रकृति के कार्य ठेके पर न करवाए जाएं। सभी श्रमिकों को पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र दिए जाएं। सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान हर माह की 7 तारीख तक सुनिश्चित किया जाए। 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर श्रमिकों को ग्रेच्युटी, बोनस व पेंशन जैसी सुविधाएं दी जाएं। 8 घंटे से अधिक कार्य पर ओवरटाइम का भुगतान किया जाए। श्रमिकों को ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) और भविष्य निधि (पीएफ) की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए। सभी श्रमिकों का सामूहिक बीमा करवाने के साथ 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाई जाए। संघ ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते श्रमिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
