– अवैध डीजल कारोबार पर सख्त कार्रवाई नहीं होने पर 22 जून को जिले के पेट्रोल पंप बंद रखने की चेतावनी
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने डीजल बिक्री से जुड़े नए नियमों में संशोधन तथा जिले में सक्रिय डीजल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में सोमवार को जिला प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार एवं जिला प्रशासन को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पतराम भांभू, सचिव विपुल धमीजा और कोषाध्यक्ष विनीत गणेशगढ़िया के नेतृत्व में पेट्रोलियम डीलर्स की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में भारत सरकार की ओर से 11 जून 2026 को जारी अधिसूचना में डीजल बिक्री को लेकर लागू की गई शर्तांे पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया। जिलाध्यक्ष पतराम भांभू ने बताया कि सरकार की ओर से एक ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक डीजल बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय स्वागत योग्य है, क्योंकि इससे अवैध भंडारण और डीजल की तस्करी पर अंकुश लगेगा। हालांकि अधिसूचना में डीजल केवल वाहन के टैंक अथवा पीईएसओ (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) से अनुमोदित कंटेनर में ही देने की शर्त व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। डीलर्स का कहना है कि हनुमानगढ़ कृषि प्रधान जिला है, जहां किसान खेतों में ट्रैक्टर, डीजल इंजन और अन्य कृषि उपकरणों के लिए ड्रम या कैन में डीजल लेकर जाते हैं। इसके अलावा अस्पतालों, बैंकों, मोबाइल टावरों, मैरिज पैलेसों और सरकारी कार्यालयों में लगे जनरेटरों के लिए भी इसी प्रकार डीजल लिया जाता है। वर्तमान में बाजार में पीईएसओ अनुमोदित कंटेनर आसानी से उपलब्ध नहीं हैं और उनकी कीमत भी काफी अधिक है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 21 जून तक अधिसूचना में संशोधन कर पीईएसओ कंटेनर की अनिवार्यता में छूट नहीं दी गई तो 22 जून को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक जिले के सभी पेट्रोल पंप बंद रखे जाएंगे।
अवैध डीजल कारोबार पर कार्रवाई की मांग
दूसरे ज्ञापन में एसोसिएशन ने जिले में चल रहे कथित अवैध डीजल और पेट्रोल कारोबार पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। जिलाध्यक्ष पतराम भांभू ने आरोप कि पंजाब और हरियाणा में ईंधन की कीमतें कम होने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में डीजल माफिया सक्रिय हैं और अवैध रूप से डीजल-पेट्रोल का भंडारण एवं बिक्री कर रहे हैं। गांवों, होटलों, दुकानों, धर्मकांटों तथा अन्य स्थानों पर खुलेआम अवैध ईंधन बिक्री की जा रही है। इसके संबंध में पूर्व में भी जिला प्रशासन और रसद विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में विभिन्न स्थानों और वाहनों का उल्लेख करते हुए प्रशासन से अवैध डीजल परिवहन, भंडारण और बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही भारत सरकार की नई अधिसूचना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी प्रशासन से विशेष निगरानी रखने का आग्रह किया गया। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि अवैध डीजल कारोबार से सरकार को राजस्व हानि होती है, पेट्रोल पंपों की बिक्री प्रभावित होती है और उपभोक्ताओं को मिलावटी ईंधन मिलने का खतरा बना रहता है। इसलिए इस पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
