हनुमानगढ़। अपनी गाड़ी वापस मांगने के नाम पर एक दलित व्यक्ति के साथ कथित मारपीट के मामले में 56 दिन पूर्व दिए गए परिवाद को दर्ज नहीं करने तथा क्षेत्र में बढ़ती चोरियों और नशे की घटनाओं के विरोध में भारत की जनवादी नौजवान सभा व स्थानीय नागरिकों द्वारा गोलूवाला थाने के आगे धरना दिया गया। संगठन का आरोप है कि धरने के दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए बल प्रयोग किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता रघुवीर सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, लेकिन एसएचओ व पुलिसकर्मियों ने आंदोलनकारियों को जबरन उठाकर थाने के अंदर ले जाकर मारपीट की।

उन्होंने कहा कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे साथी द्वारा कुछ दिन पूर्व एक पुलिसकर्मी का नशे की हालत में वीडियो वायरल किया गया था, जिसके कारण रंजिशन कार्रवाई की गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मारपीट के दौरान मां-बहन और जातिसूचक गालियां भी दीं तथा हिस्ट्रीशीटर बनाने की धमकी दी। संगठन के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग व जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, जिसके बाद वार्ता का दौर चला और रात करीब 11 बजे साथियों को छोड़ा गया। ओर जिस एफआईआर दर्ज करने की मांग थी उसे दर्ज किया आरोप है कि पुलिस ने उच्चाधिकारियों को गलत जानकारी देते हुए यह बताया कि धरनार्थी कथित रूप से किसी तस्कर को छुड़ाने आए थे, जबकि बढ़ती चोरियों, ‘चीटे’ जैसे खतरनाक नशे और लंबित मुकदमे को दर्ज करने की मांग को लेकर बैठे थे।

मारपीट का शिकार रहे साथी राम पाल ने प्रेस के समक्ष अपनी चोटों के निशान दिखाते हुए घटना का बताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा मुझे उल्टा लटकाकर बुरी तरह मारपीट की, जिसके कारण मुह, आंख, पीठ, हाथ व पैरों पर चोटे आइ है और जाती सूचक गालियां निकाली और कहा कि अब तु वीडियो वायरल करके दिखाना। जिला सचिव वेद मक्कासर ने कहा कि पुलिस का आम नागरिकों के प्रति रवैया चिंताजनक है और यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

जिला अध्यक्ष कॉमरेड देवीलाल धोलीपाल ने भी पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि थानों में आम लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि वे शीघ्र ही पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे और मांग करेंगे कि संबंधित थाना अधिकारी व पुलिसकर्मियों को हटाया जाए। अन्यथा, भारत की जनवादी नौजवान सभा द्वारा एसपी कार्यालय का घेराव करने का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। प्रेस वार्ता में संगठन के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
