– अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस पर मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम
हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस के मौके पर शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में संचालित नशामुक्ति अभियान और शिविरों की जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं में बढ़ रही मेडिकल ड्रग्स और चिट्टे की लत पर चिंता जताते हुए इससे बचाव एवं उपचार के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सिंह मीना ने कहा कि पड़ोसी ताकतों का उद्देश्य भारत के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलना है और इसके प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। कुछ युवा इसकी चपेट में भी आ रहे हैं, इसलिए समाज और परिवार दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने नशामुक्ति अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया है, जो पूरे प्रदेश में प्रभावी कार्रवाई कर रही है। पश्चिमी राजस्थान में नशा तस्करी से करोड़ों रुपए कमाने वाले कई तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर उनकी अवैध संपत्तियां नष्ट की गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को समाज का रोल मॉडल नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि युवाओं को ही समाज का आदर्श माना जाना चाहिए।

एसपी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे या युवा में नशे की लत के संकेत दिखाई दें तो उसे छिपाने या बचाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेकर उसका उपचार करवाएं। साथ ही युवाओं को खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि वे नशे से दूर रह सकें। कार्यक्रम में मानसिक रोग विशेषज्ञों ने भी नशे की लत से बचाव, काउंसलिंग और उपचार के बारे में जानकारी दी। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे का आदी है तो उसकी काउंसलिंग कराकर उसे नशामुक्त करने का प्रयास करें। इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा, भाजपा नेता अमित सहू, डॉ. भारतभूषण शर्मा, आशीष पारीक, कृष्ण तायल, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी सोलंकी, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कीर्ति शेखावत सहित कई गणमान्य नागरिक, चिकित्सक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा ने सभी उपस्थितजनों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
