हनुमानगढ़। रावतसर थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर रुपए वसूलने के आरोप में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस के अनुसार रोहिताश (29) पुत्र रामेश्वरलाल निवासी ग्राम निरवाल तहसील रावतसर ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रावतसर के समक्ष इस्तगासा पेश किया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मदनलाल पुत्र रामेश्वरलाल तथा उसकी पत्नी सिलोचना निवासी ग्राम निरवाल के खिलाफ बीएनएस की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस्तगासे में रोहिताश ने बताया कि उसके पिता के नाम पर ग्राम निरवाल में कृषि भूमि है, जिस पर केसीसी ऋण लिया गया था। बाद में पिता ने ऋण की जिम्मेदारी उसके और उसके भाई मदनलाल के बीच बराबर बांट दी। आरोप है कि मदनलाल ने अपने हिस्से का ऋण जमा कराने से इनकार कर दिया और इसी बात को लेकर परिवार में रंजिश हो गई। परिवादी का आरोप है कि इसके बाद आरोपी उसे झूठे मुकदमों में फंसाने, जीवन बर्बाद करने और सरकारी नौकरी नहीं लगने देने की धमकियां देने लगे। आरोप है कि वर्ष 2023 में आरोपियों ने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी और 15 हजार रुपए लेकर 18 सितंबर 2023 को स्टाम्प पर राजीनामा लिख दिया। रोहिताश ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में आरोपी सिलोचना ने उसके, उसके पिता और माता के खिलाफ झूठी शिकायत देकर छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराने का प्रयास किया। आरोप है कि इस मामले में भी 7 हजार रुपए लेकर समझौता कर लिया गया तथा उसके पिता के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करवाई गई। इस्तगासे में यह भी कहा गया है कि जब उसका चयन एम्स अस्पताल में नौकरी के लिए होने वाला था, तब आरोपियों ने फिर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी, जिसके कारण वह समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और नौकरी से वंचित रह गया। परिवादी ने आरोप लगाया कि वर्तमान में भी आरोपी उसके खिलाफ झूठे तथ्यों के आधार पर पुलिस थाना रावतसर में शिकायत देकर 20 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं तथा रुपए नहीं देने पर दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं, जिससे उसे मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर रावतसर थाना पुलिस ने मदनलाल और सिलोचना के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच सहायक उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह को सौंपी है।
