हनुमानगढ़। जिले की प्रमुख अनाज मंडियों में शामिल हनुमानगढ़ जंक्शन मंडी इन दिनों बदहाली का प्रतीक बनती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि जहां एक ओर किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थाओं, गंदगी और जलभराव ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। सोमवार रात्रि को हुई मामूली बारिश ने मंडी की पोल खोलकर रख दी। नालियां जाम, सड़कों पर गंदा पानी और खुले में पड़ी फसलें भीगती नजर आईं। मंडी में फसल की सुरक्षा को लेकर भी लापरवाही सामने आई है। सोमवार रात हुई बारिश में खुले में पड़ी गेहूं की ढेरियां भीग गईं, जिससे कई क्विंटल अनाज खराब होने की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि मंडी समिति की ओर से तिरपाल जैसी बुनियादी व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं करवाई गई। धानका तोला यूनियन अध्यक्ष सतपाल दामड़ी ने मंडी की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यहां व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। मंडी क्षेत्र की नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से वे पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी हैं। नतीजतन गंदा पानी सड़कों पर ओवरफ्लो होकर फैल रहा है, जिससे बदबू और सड़ांध का माहौल बन गया है।

मच्छरों की भरमार के चलते डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि इन हालातों से सबसे ज्यादा प्रभावित मजदूर हो रहे हैं, जो बीमार पड़ रहे हैं, जबकि किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। व्यापारी अमित गोदारा और विजय सिंह ने बताया कि धान मंडी की मुख्य नाली, जो पूरे क्षेत्र की जल निकासी का आधार है, वह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मामूली बारिश में ही आधा-आधा फुट तक पानी सड़कों पर भर जाता है।

नालियों में लगातार पानी जमा रहता है और उसमें सीवरेज का पानी भी छोड़ा जाता है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पास में पड़ी गेहूं की फसल में गंदा पानी जाने का खतरा बना रहता है, जो आगे चलकर उपभोग में आएगी। बावजूद इसके, मंडी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह नदारद है। उनका कहना है कि टैक्स देने के बावजूद सुविधाएं नहीं मिल रही हैं और सफाई कर्मचारी भी नजर नहीं आते। व्यापारियों का यह भी कहना है कि हाल ही में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान मंडी में सफाई करवाई गई थी, लेकिन उसके बाद फिर से हालात बिगड़ गए। अब उम्मीद जताई जा रही है कि किसी बड़े अधिकारी या जनप्रतिनिधि के आने पर ही स्थिति सुधरेगी।

अधिकारियों का पक्ष
वहीं कृषि विपणन बोर्ड के उपनिदेशक विष्णुदत्त शर्मा ने इन आरोपों को आंशिक रूप से नकारते हुए कहा कि सोमवार रात अचानक आई आंधी और बारिश के बाद तुरंत सफाई कर्मियों को मौके पर लगाया गया। पहले से ही व्यापारियों को सतर्क कर सड़कों को खाली करवाया गया था, ताकि जलभराव की स्थिति न बने। शर्मा के अनुसार, प्लेटफॉर्म नम्बर 2 पर रखी कुछ बोरियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया, जिससे गेहूं को नुकसान नहीं हुआ। पूरी रात सफाई कर्मियों को लगाकर पानी की निकासी करवाई गई और मंगलवार को भी सफाई कार्य जारी रखा गया। उन्होंने यह भी माना कि जल निकासी की समस्या वर्षांे पुरानी है, लेकिन समय-समय पर नालों की सफाई करवाई जाती है और जरूरत पड़ने पर रात में भी कर्मचारियों को लगाया जाता है, ताकि किसी प्रकार की रुकावट न हो।
