– भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर जाना भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का महत्व, भजनों पर प्रस्तुत किया मनमोहक नृत्य
हनुमानगढ़। मकून्स प्राइमरी विंग, सरस्वती कॉन्वेंट स्कूल के नन्हे विद्यार्थियों ने इस्कोन मंदिर का शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण कर भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए, भक्ति-भाव से पूजा-अर्चना में भाग लिया तथा भक्तिमय वातावरण का अनुभव किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ “राधे-राधे” भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। बच्चों को भक्ति, सेवा, अनुशासन, प्रेम और सदाचार जैसे जीवन मूल्यों का महत्व भी समझाया गया। भगवान श्रीकृष्ण को विधिवत भोग अर्पित करने के बाद सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को महाप्रसाद वितरित किया गया। बच्चों ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण कर उसके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में भी जाना। इस्कोन मंदिर के सचिव मधुसूदन शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बचपन में दिए गए संस्कार जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। यदि बच्चों को प्रारंभ से ही भगवान के प्रति श्रद्धा, सेवा और भारतीय संस्कृति से जोड़ा जाए तो वे श्रेष्ठ नागरिक बन सकते हैं। प्रभुजी श्याम सुंदर जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सरल एवं रोचक वर्णन करते हुए बच्चों को प्रेम, करुणा, मित्रता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। वहीं प्रभुजी वनमाली गोपाल दास जी ने भक्ति, सेवा, अनुशासन और अच्छे संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें ही भविष्य में महान व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं। संस्थान की डायरेक्टर रिया अग्रवाल ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानाचार्या सुरभि शर्मा ने बताया कि विद्यालय विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यवहारिक और सांस्कृतिक शिक्षा भी प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस्कोन मंदिर का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक और यादगार अनुभव रहा, जिसमें बच्चों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ सहभागिता निभाई। भ्रमण के समापन पर विद्यालय परिवार ने इस्कोन मंदिर प्रबंधन का आत्मीय स्वागत, स्नेहपूर्ण आतिथ्य, भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन, महाप्रसाद वितरण और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
