जयपुर। राजस्थान में क्रिकेट के विकास और विस्तार को नई दिशा देने के लिए राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। कमेटी ने राज्य के युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी माहौल और अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला क्रिकेट संघों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। इस पहल के तहत अंडर-14 और अंडर-16 प्रतियोगिताओं में सुधार, खिलाड़ियों के TA-डीए में बढ़ोतरी और राज्य स्तरीय मैचों को सोशल मीडिया पर लाइव करने जैसे कई अहम सुझाव सामने आए हैं। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया कि कमेटी ने पदभार संभालते ही राजस्थान क्रिकेट को मजबूत और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि लक्ष्य साफ है—राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर प्रशिक्षण और पारदर्शी खेल वातावरण उपलब्ध कराना, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। इसी क्रम में हाल ही में डूंगरपुर, उदयपुर, बाड़मेर और पाली जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी, अर्जुन बेनीवाल और अरिष्ट सिंघवी भी मौजूद रहे। वहीं जिला संघों की ओर से संबंधित जिलों के सचिवों ने भाग लेकर अपने सुझाव साझा किए। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण सुझाव अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिताओं को मल्टी-डे फॉर्मेट में आयोजित करने को लेकर सामने आया। जिला संघों का मानना है कि मौजूदा सीमित ओवर प्रारूप (टी-20 और वनडे) के अलावा मल्टी-डे मैचों से खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से अधिक निखरने का मौका मिलेगा। इससे वे लंबे प्रारूप के खेल की बारीकियों को समझ सकेंगे और भविष्य में उच्च स्तर की क्रिकेट के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाएंगे। डॉ. यादव ने इस सुझाव का समर्थन करते हुए कहा कि मल्टी-डे फॉर्मेट खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती दोनों को विकसित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे बदलाव राज्य के क्रिकेट ढांचे को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एडहॉक कमेटी ने TA-DA (यात्रा और दैनिक भत्ता) में बढ़ोतरी का भी आश्वासन दिया है। कमेटी के सदस्य आशीष तिवाड़ी ने बताया कि लंबे समय से खिलाड़ियों की यह मांग रही है और अब इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। इसके साथ ही पारदर्शिता और खिलाड़ियों को अधिक पहचान दिलाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव करने का निर्णय भी लिया गया है। सदस्य धनंजय सिंह खींवसर के अनुसार, इससे न केवल पुरुष बल्कि महिला क्रिकेटरों के प्रदर्शन को भी व्यापक स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाया जा सकेगा। यह कदम राजस्थान क्रिकेट को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी कमेटी गंभीरता से काम कर रही है। सदस्य अर्जुन बेनीवाल ने बताया कि जिला संघों से मिले फीडबैक के अनुसार राज्य के सभी जिलों में स्तरीय क्रिकेट मैदान उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। कमेटी का लक्ष्य है कि सभी 33 जिला केंद्रों पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं। इसके अलावा, पूर्व खिलाड़ियों को भी क्रिकेट गतिविधियों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने बताया कि राज्य के अनुभवी खिलाड़ियों को उनकी योग्यता के अनुसार कोचिंग, सपोर्ट स्टाफ और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पैनल में शामिल किया जाएगा। इससे युवा खिलाड़ियों को अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी की यह पहल राजस्थान क्रिकेट में व्यापक सुधार और नई ऊर्जा का संकेत दे रही है। यदि इन सुझावों को प्रभावी रूप से लागू किया जाता है, तो आने वाले समय में राज्य के क्रिकेट प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।
