– 325वें दिन भी जारी धाणका समाज का आंदोलन, जाति प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी रोक हटाने की मांग, चेतावनी-समाधान नहीं हुआ तो राष्ट्रपति से मांगेंगे इच्छामृत्यु की अनुमति
हनुमानगढ़। धाणका समाज के जाति प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धाणका/धाणका जनजाति संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा बेमियादी आंदोलन बुधवार को 325वें दिन में प्रवेश कर गया। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने से नाराज समाज के लोगों ने आंदोलन को और तेज करते हुए बुधवार को जयपुर स्थित विधानसभा के घेराव के लिए पैदल मार्च शुरू कर दिया। पैदल मार्च जिला कलक्ट्रेट के सामने स्थित धरनास्थल से शुरू हुआ। इस दौरान आजाद समाज पार्टी ने भी आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की। आंदोलन के दौरान कश्मीरीलाल इन्दौरा (श्रीगंगानगर) ने कहा कि आंदोलन को लगभग एक वर्ष पूरा होने वाला है, लेकिन अब तक शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग किसी नए आरक्षण की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें पहले से प्राप्त अनुसूचित जनजाति के अधिकारों के अनुरूप जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी मांग को लेकर हर स्तर पर प्रयास किए, लेकिन भाजपा के नेता और मंत्री उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी समाज की समस्या सुनने के लिए समय नहीं दे रहे, जिससे लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है। कश्मीरीलाल इन्दौरा ने कहा कि स्थानीय प्रशासन धाणका समाज की स्थिति से पूरी तरह अवगत है, लेकिन किसी जातिगत दबाव के कारण हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। जबकि पूर्व में समाज के अनेक लोगों के जाति प्रमाण पत्र बन चुके हैं और इसी आधार पर वे जनप्रतिनिधि भी चुने गए हैं। ऐसे में अब यह कहना कि दोनों जिलों में धाणका समाज के लोग ही नहीं हैं, समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण समाज के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने में परेशानी हो रही है, युवा सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं और जिनकी नियुक्तियां हो चुकी हैं, उन्हें भी जाति प्रमाण पत्र के अभाव में नौकरी से हटाया जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि धाणका समाज के जाति प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी रोक तत्काल हटाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो समाज के लोग राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगने को विवश होंगे और आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। इस मौके पर मदनलाल मेघवाल, रेवंतराम पंवार, विनोद लुगरिया, सुरेश खटक, हिमांशु खन्ना, अमित खन्ना, सुशील, सुरेश नागर, देवीलाल मौजूद रहे।
