– सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों की शैक्षिक अभिप्रेरणा, संवेदनात्मक परिपक्वता और उपलब्धि पर किया शोध; महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सक्रिय
संगरिया। वार्ड नंबर 15, संगरिया निवासी, एपेक्स वुमन क्लब की संस्थापक एवं राष्ट्रीय निदेशक तथा समाजसेवी नीलम सोनी ने शैक्षणिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय, हनुमानगढ़ की ओर से उन्हें पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि प्रदान की गई है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, क्षेत्र एवं सामाजिक संगठनों में खुशी का माहौल है। नीलम सोनी ने अपना शोध कार्य ‘सरकारी तथा गैर सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों की शैक्षिक अभिप्रेरणा, संवेदनात्मक परिपक्वता तथा शैक्षिक उपलब्धि का तुलनात्मक अध्ययन’ विषय पर किया। उन्होंने यह शोध विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. संजय जिंदल के निर्देशन में पूर्ण किया। डॉ. नीलम सोनी ने बताया कि उनके शोध का मुख्य उद्देश्य उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षिक अभिप्रेरणा, संवेदनात्मक परिपक्वता एवं शैक्षिक उपलब्धि को समझना तथा सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के संदर्भ में इनका तुलनात्मक अध्ययन करना रहा। उन्होंने अपनी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय अपने पति जय सोनी, ससुर नत्थू सोनी (पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका) एवं माता सरोज सोनी को देते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रोत्साहन, प्रेरणा एवं सहयोग से ही वे शोध कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर पाईं। डॉ. नीलम सोनी शैक्षणिक क्षेत्र के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण एवं समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे एपेक्स वुमन क्लब की संस्थापक अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय निदेशक तथा भारतीय स्वर्णकार परिवार की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष हैं। पिछले करीब दस वर्षों से संगरिया में एपेक्स वुमन क्लब के माध्यम से वे महिलाओं एवं बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता के चलते क्षेत्र में उनकी विशिष्ट पहचान बनी हुई है। उनकी पीएचडी की उपाधि हासिल करने पर एपेक्स क्लब के सदस्यों, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
