हनुमानगढ़। परमवीर चक्र से सम्मानित कारगिल युद्ध के नायक कैप्टन योगेन्द्र यादव ने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य होती है और जरूरी नहीं कि हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर ही बने। बच्चे अपनी रुचि के अनुसार गायक, लेखक या अन्य क्षेत्रों में भी सफल हो सकते हैं। बुधवार को गुड डे डिफेंस सैनिक स्कूल में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में हिस्सा लेने हनुमानगढ़ पहुंचे कैप्टन योगेन्द्र यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर अपनी इच्छाएं न थोपें और उन्हें उनकी पसंद के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि आजकल अभिभावक बच्चों की बुद्धिमत्ता को केवल परीक्षा के अंकों से आंक रहे हैं, जिससे बच्चों की वास्तविक क्षमता का विकास नहीं हो पाता।

कई बार बच्चे अच्छे अंक तो ले आते हैं, लेकिन छोटी-छोटी चुनौतियों के सामने घबरा जाते हैं, क्योंकि उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती। कैप्टन यादव ने कहा कि अभिभावकों को अधिक जागरूक होने की जरूरत है। शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें बड़ों का सम्मान, अनुशासन और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी शामिल है। अनुशासन को उन्होंने जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा कि इससे ही व्यक्ति का आंतरिक और बाहरी विकास संभव होता है। उन्होंने बताया कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से संवाद कर अपने अनुभवों के माध्यम से उन्हें जीवन में सफलता के लिए प्रेरित करते हैं, साथ ही छोटे बच्चों से भी बातचीत कर उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास करते हैं।
