उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित इस्कॉन मंदिर उज्जैन में श्री श्री राधा-कृष्ण के दिव्य नौका विहार महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ है। यह आयोजन भक्ति, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है। 30 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह विशेष महोत्सव प्रतिदिन शाम 5:30 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान पवित्र सरोवर में भगवान राधा-कृष्ण सुसज्जित नौका में विराजमान होकर नौका विहार करते हैं। लगभग 25 से 30 फीट के सरोवर में 12 फीट लंबी और 5 फीट चौड़ी आकर्षक नौका में भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महोत्सव का शुभारंभ ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के वरिष्ठ शिष्य श्रीमद लोकनाथ स्वामी महाराज के करकमलों द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए निरंतर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। यह महोत्सव उस प्राचीन परंपरा का प्रतीक है, जब ग्रीष्म ऋतु में भगवान राधा-कृष्ण नौका विहार किया करते थे। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से घर से भोग बनाकर अर्पित करने और इस दिव्य उत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर में भगवान को विशेष शीतलता प्रदान की जा रही है। इसके तहत मंदिर परिसर में एसी की व्यवस्था की गई है और ओडिशा के मलय पर्वत से लाए गए चंदन का लेप भगवान को अर्पित किया जा रहा है। रोजाना चार लोग चंदन तैयार करने में जुटे हैं और अब तक करीब 30 किलो चंदन का उपयोग किया जा चुका है, जिससे भगवान को तपती गर्मी में शीतलता मिल सके। यह दिव्य महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति का अनूठा अवसर बन गया है।
