हनुमानगढ़। टिब्बी के राठीखेड़ा में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को संगरिया की नई धानमंडी में किसान महापंचायत हुई। एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करने, आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर जिले में करीब एक माह में यह तीसरी महापंचायत हुई। इसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर के साथ ही हरियाणा और पंजाब से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।

7 जनवरी 1970 के किसान शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मंच के पास ही अस्थाई स्मारक बनाया गया। महापंचायत से पहले किसानों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा महापंचायत से पहले किसानों ने नगर पालिका कार्यालय में बने किसान स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद किसानों के लिए ‘लाल सलामÓ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीद किसानों का नाम रहेगाÓ के नारे भी लगाए गए। किसान नेता जोगिन्द्र सिंह उग्राहां के नेतृत्व में किसानों का जत्था महापंचायत में शामिल हुआ। किसानों के हाथों में संघर्ष समिति के झंडे और सिर पर पीली पगड़ी थी।

महापंचायत को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। ऐहतियात के तौर पर संगरिया तहसील और उसके 10 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं मंगलवार रात्रि से ही बंद रही। इलाके में धारा 163 भी लागू रही। चप्पे-चप्पे पर करीब छह सौ से अधिक पुलिस कर्मियों का जाप्ता तैनात रहा। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी हर स्थिति पर नजर बनाए रहे। पुलिस ने मंगलवार रात से संगरिया कस्बे में प्रवेश के चारों प्रमुख मार्गांे पर बैरिकेडिंग कर दी थी। इसके साथ ही बाहर से आने वालों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पुलिस और प्रशासन ने टिब्बी की घटना से सबक लेते हुए हर संभव सावधानी बरती।

एडीएम उम्मेदीलाल मीणा, एएसपी अरविंद बिश्नोई, संगरिया एसडीएम जय कौशिक, तहसीलदार मोनिका बंसल समेत कई अधिकारी व्यवस्थाओं को संभाले हुए रहे। हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर मंगलवार रात्रि से बंद हुई इंटरनेट सेवा बुधवार दोपहर को बहाल हुई। यद्यपि संगरिया में किसानों की महापंचायत के कारण संगरिया कस्बे की सीमाओं में नेटबंदी की गई थी। तकनीकी कारणों से हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर भी मंगलवार रात्रि को नेट बंद हो गया। महापंचायत में किसान नेताओं ने एथेनॉल फैक्ट्री के कारण होने वाले प्रदूषण को लेकर विरोध जताया।

उन्होंने कहा कि पानी पीने लायक नहीं रहेगा, हवा सांस लेने के लिए शुद्ध नहीं होगी। राजनीति के चलते आम लोगों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। महापंचायत में किसान नेता जगतार सिंह, मनजीत धनेर, पूर्व विधायक बलवान पूनिया, मनदीप सिंह, महंगा सिंह सिद्धू, रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, मंगेज चौधरी, प्रियंका चाहर, सुभाष गोदारा, ओम जांगू, पाहना सिद्धू, रेशम सिंह मानुका, जगजीत सिंह जग्गी, विजेन्द्र सिंह सिद्धू, मदन दुगेसर, जीत फतेहगढ़िया, बलकौर सिंह ढिल्लों, रमेश भादू, अशोक चौधरी, शिवभगवान बिश्नोई, जसवीर भाटी, सोल ढील, बलतेज सिंह आत्मासिंह, काकासिंह, रणजीत सिंह, सुधीर गोदारा, संजीव सोनी, अभिमन्यु कोहाड़, अमरसिंह आदि मौजूद रहे।

शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील
प्रशासन के अनुसार टिब्बी के राठीखेड़ा में एथेनॉल प्लांट के निर्माण को लेकर संघर्ष समिति की मांगों को राज्य सरकार के स्तर पर प्रेषित किया जा चुका है। इसी क्रम में राज्य सरकार की ओर से पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया। उच्च स्तरीय समिति के तकनीकी सदस्यों की ओर से 4 जनवरी को संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ उनकी आशंकाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। समिति की ओर से साइट विजिट कर भू-जल के नमूने भी एकत्रित किए गए हैं। एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध के दौरान दर्ज मुकदमों की जांच, संघर्ष समिति एवं प्रशासन के बीच हुई सौहार्दपूर्ण वार्ता के अनुरूप, सीआईडी-सीबी, जयपुर की ओर से की जा रही है। इस संबंध में जिला पुलिस की ओर से वर्तमान में कोई जांच या कार्यवाही नहीं की जा रही है। पूर्व में धरना-प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों की जमानत हो चुकी है। वर्तमान में कोई भी व्यक्ति पुलिस अथवा न्यायिक अभिरक्षा में नहीं है। जिला प्रशासन की जिलेवासियों से अपील है कि जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखें। जिला प्रशासन सभी नागरिकों के प्रति संवेदनशील है तथा संवाद एवं वार्ता के लिए सदैव तैयार है।

