हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय की एलुमनाई एसोसिएशन के तत्वावधान में एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों से शिक्षा प्राप्त कर चुके पूर्व विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच आत्मीय संवाद हुआ तथा विद्यार्थी जीवन की पुरानी यादें ताजा हुईं। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि पूर्व विद्यार्थी किसी भी विश्वविद्यालय की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनकी उपलब्धियां विश्वविद्यालय की पहचान और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं। एलुमनाई मीट पूर्व विद्यार्थियों को संस्थान से दोबारा जोड़ने और उनके अनुभवों व उपलब्धियों का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय के विकास एवं शैक्षणिक उन्नति में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि एलुमनाई विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व विद्यार्थियों की सफलता संस्थान के लिए गौरव का विषय है। एलुमनाई एसोसिएशन के माध्यम से उनके अनुभव, विशेषज्ञता और व्यावसायिक संपर्कांे का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को मिल सकता है। ऐसे आयोजन नेटवर्किंग, करियर मार्गदर्शन और रोजगार के नए अवसर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्यार्थियों ने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा कीं तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन और विश्वविद्यालय में प्राप्त शिक्षा के अनुभव बताए। वर्तमान विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों में सहयोग देने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। डीन एलुमनाई डॉ. विक्रम कुमार ने एलुमनाई एसोसिएशन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए पूर्व विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से निरंतर जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व विद्यार्थियों का अनुभव और सहयोग विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो सकता है। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. डॉ. अमरजीत सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर, सुरेंद्र अरोड़ा एवं डॉ. रमनदीप कौर सहित अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
