हनुमानगढ़। क्षेत्र के किसान, छात्र, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर विभिन्न जनहित मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में प्रेमराज नायक, विकास झोरड़, संतोष पूनिया सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल हुए। ज्ञापन के जरिए मांग की गई कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी केन्द्रीय कानून बनाया जाए, ताकि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। संगठनों ने शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने, बेरोजगार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने तथा नई शिक्षा नीति को वापस लेकर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षाविदों से व्यापक विमर्श के बाद नई नीति लागू करने की भी मांग की। ज्ञापन में देशभर में दलित समाज पर बढ़ रहे अत्याचारों पर चिंता व्यक्त करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि छात्र-छात्राओं, युवाओं, दलित समाज और आम जनता की इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में संविधान और कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संविधानसम्मत रहेगा।
