जयपुर। मदन राठौड़ ने कृषि विभाग में हुई एसीबी कार्रवाई के बाद किरोड़ीलाल मीणा की ईमानदारी और निष्ठा का बचाव करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली और चरित्र पर किसी प्रकार का संदेह नहीं किया जा सकता। दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र में मीडिया से बातचीत के दौरान राठौड़ ने कहा कि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर कोई लांछन नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि उनके अधीनस्थ किसी कर्मचारी ने गलती की है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होना स्वाभाविक है और ऐसा ही किया गया है। राठौड़ ने सभी जनप्रतिनिधियों को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने निजी सहायकों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। यदि उनके व्यवहार में किसी प्रकार का बदलाव दिखाई दे तो समय रहते सतर्क हो जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार पर लगे ओबीसी आरक्षण लाभ लेने के आरोपों का भी उल्लेख किया। राठौड़ ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार विधायक क्रीमीलेयर की श्रेणी में आते हैं और उनके बच्चों को ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “मेरे अपने बच्चों ने भी परीक्षाएं दी हैं, लेकिन हमने कभी ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं लिया। वे सामान्य वर्ग के आधार पर आगे बढ़े। नैतिकता के आधार पर डोटासरा को भी इस सुविधा का लाभ नहीं लेना चाहिए था। यदि लाभ लिया गया है तो सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।” पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर टिप्पणी करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी के कई नेता राष्ट्रीय नेतृत्व को खुश करने की होड़ में लगे हुए हैं और अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रतिस्पर्धा के बीच कोई भी नेता खुलकर सच बोलने का साहस नहीं कर रहा है।
