हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ तहसील क्षेत्र में किसानों की कृषि भूमि की कुर्की एवं नीलामी की कार्रवाई को लेकर किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। किसानों ने गुरुवार को भारत की जनवादी नौजवान सभा के बैनर तले उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर कृषि भूमि की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की। किसानों ने कहा कि हनुमानगढ़ तहसील क्षेत्र में किसानों की कृषि भूमि की कुर्की एवं नीलामी को लेकर लगातार नोटिस और कुर्की वारंट जारी किए जा रहे हैं। इससे किसानों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने कहा कि किसान मेहनत करके देश और प्रदेश के लिए खाद्यान्न पैदा करता है। खेती में लगातार बढ़ती लागत, फसलों का उचित भाव नहीं मिलना, प्राकृतिक परिस्थितियां और विभिन्न नीतियों के कारण किसान आर्थिक संकट में फंसता जा रहा है। ऐसे में कर्ज की अदायगी नहीं हो पाने की स्थिति में कृषि भूमि की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर सकती है। उन्होंने विशेष रूप से छोटे काश्तकारों और अनुसूचित जाति के किसानों की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में सरकारों की ओर से कर्जमाफी सहित कई तरह के आश्वासन दिए गए थे। किसानों को उम्मीद थी कि उनका कर्ज माफ होगा, लेकिन बड़ी संख्या में किसान आज भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि कृषि भूमि उनके परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है। यदि जमीन कुर्क या नीलाम होती है तो इसका सीधा असर किसान के परिवार के जीवन-यापन पर पड़ेगा। इसलिए सरकार को किसानों की परिस्थितियों को देखते हुए राहत देने की दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए। किसानों ने स्पष्ट किया कि कृषि भूमि की कुर्की अथवा नीलामी की कार्रवाई का वे लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करेंगे। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में संघर्ष और आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। किसानों ने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए हनुमानगढ़ तहसील क्षेत्र में किसानों की कृषि भूमि की कुर्की एवं नीलामी पर रोक लगाने के आदेश जारी करने तथा किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है। इस मौके पर रघुवीर वर्मा, वेद मक्कासर, देवीलाल, प्रहलाद कुमार, योगेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
