– धरना समाप्त कराने के दौरान हुए समझौते का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग
हनुमानगढ़। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने चेक माफिया और कथित सूदखोरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने आरोप लगाया कि धरना समाप्त कराने के दौरान प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिलाध्यक्ष रेवन्तराम पंवार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 13 मई 2026 से 6 जून 2026 तक रणजीतपुरा गांव के एक व्यक्ति जगतपाल पुत्र लेखराम तथा सुरेन्द्र पुत्र रायसिंह पर अवैध रूप से फाइनेंस का कारोबार करने, खाली बैंक चेक एवं कोर्ट प्रॉमिसरी नोट लेने, भारी ब्याज वसूलने, जातिसूचक गालियां देने तथा जबरन वाहन उठाने जैसे आरोपों को लेकर धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन किया गया था। ज्ञापन में कहा गया कि आंदोलन के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद तथा ग्रामीण वृत्ताधिकारी मीनाक्षी ने धरनार्थियों से वार्ता कर आश्वासन दिया था कि 20 दिनों के भीतर मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ ब्याजखोरी और बैंक दस्तावेजों के कथित फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। पार्टी का आरोप है कि तय समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जांच अधिकारी पर राजनीतिक दबाव होने के कारण मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है। आजाद समाज पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ ही झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यह धरना समाप्त कराने के दौरान हुए समझौते की भावना के विपरीत है। ज्ञापन के अनुसार, उस समय प्रशासन ने आंदोलनकारियों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया था। पार्टी ने जिला कलक्टर से मांग की है कि मामले की जांच किसी निष्पक्ष, निर्भीक एवं राजनीतिक दबाव से मुक्त अधिकारी को सौंपी जाए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
