हनुमानगढ़। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं के समर्थन में शुक्रवार को हनुमानगढ़ में किसान संगठनों ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर छात्र-छात्राओं की मांगों को स्वीकार करने तथा जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज की घटना की निंदा की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष रेशमसिंह माणुका ने कहा कि छात्र-छात्राएं लोकतांत्रिक तरीके से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हाल ही में हुई घटना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्र-छात्राओं की मांगें नहीं मानी गईं और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मंेद्र प्रताप का इस्तीफा नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता अब भी संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रही है, लेकिन यदि सरकार ने समय रहते स्थिति नहीं संभाली तो आने वाले दिनों में सामाजिक, राजनीतिक, व्यापारी और छात्र संगठन एक मंच पर आकर बड़ा आंदोलन करेंगे। इस दौरान सचिन कौशिक और सुभाष गोदारा ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर 13 से 14 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए तथा छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इसके विरोध में संघर्ष लगातार जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद किसान संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर छात्र-छात्राओं की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा आंदोलन के दौरान हुई कथित घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर मनप्रीत सिंह, लखवीर सिंह, रायसाहब, रविन्द्र सिंह सहित कई किसान प्रतिनिधि मौजूद थे।
