हनुमानगढ़। आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनना, उनकी तह तक पहुंचकर समाधान की दिशा में तत्काल कार्रवाई करना और जरूरत पड़ने पर स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेना—जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की कार्यशैली की यही खूबियां अब जिलेवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। डॉ. भारतभूषण शर्मा और किसान नेता सुभाष मक्कासर ने जिला कलक्टर के सरल एवं शालीन व्यवहार तथा जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैये की सराहना की है। डॉ. भारतभूषण शर्मा ने कहा कि युवा जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव सरल और सहज स्वभाव के अधिकारी हैं। वे किसी भी मामले को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं लेते, बल्कि उसकी पूरी तह तक जाकर वास्तविक स्थिति समझने का प्रयास करते हैं। जिलेभर में आयोजित होने वाली जनसुनवाइयों में सामने आने वाली समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर आमजन के साथ समान भाव से शालीनता से पेश आते हैं और समस्या लेकर आने वाले व्यक्ति को निराश नहीं करते।

परिवादियों को देखकर गाड़ी रोकी, पहले सुनी समस्या
डॉ. शर्मा ने जिला कलक्टर के आमजन से जुड़ाव का एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि वे मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट पहुंचे थे। उस समय डॉ. यादव लंच के लिए जाने वाले थे। इसी दौरान दो परिवादी अपनी समस्या लेकर वहां पहुंचे। जिला कलक्टर ने गाड़ी से उतरकर दोनों परिवादियों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक कार्रवाई के बाद ही वहां से रवाना हुए। डॉ. शर्मा ने कहा कि यह घटना बताती है कि आमजन की समस्या उनके लिए प्राथमिकता में है।

उन्होंने बताया कि जिला कलक्ट्रेट में भी आमजन के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की गई हैं। बैठने की उचित व्यवस्था के साथ कूलर और एलईडी की सुविधा उपलब्ध है। एलईडी के माध्यम से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर ने जिले में हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए जो नेटवर्क विकसित किया है, उसका मॉडल भी कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शित किया गया है। किसानों के लिए तैयार किया गया एप भी किसानों के लिए उपयोगी पहल है।
किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने की सराहना
सुभाष मक्कासर ने कहा कि डॉ. खुशाल यादव को जिले में करीब एक वर्ष दो माह का समय हो चुका है। इस दौरान उन्होंने जिला कलक्टर के साथ किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कई बार मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हर बार जिला कलक्टर ने समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक सहयोग किया। कई मामलों में उच्च स्तर पर पत्राचार करवाकर समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई भी हुई।

उन्होंने जिला कलक्टर की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. यादव अपने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ भी अच्छा व्यवहार रखते हैं। वे देर शाम तक कलक्ट्रेट में रहकर काम निपटाते हैं। कई बार रात करीब आठ से नौ बजे तक कार्यालय में रहकर लंबित मामलों पर काम करते हुए देखे गए हैं।
बारिश में खुद पहुंचे थे मक्कासर गांव
सुभाष मक्कासर ने बताया कि बारिश के दौरान जब गांव मक्कासर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, तब जिला कलक्टर को ग्रामीणों की परेशानी से अवगत करवाया गया। इसके बाद डॉ. यादव स्वयं गांव पहुंचे और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाएं करवाने के निर्देश दिए। डॉ. भारतभूषण शर्मा और सुभाष मक्कासर ने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ आमजन के बीच सहज उपलब्ध रहना, उनकी बात को धैर्यपूर्वक सुनना और समस्या के समाधान के लिए प्रयास करना किसी भी अधिकारी की कार्यशैली को प्रभावी बनाता है। उनके अनुसार जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की यही संवेदनशील कार्यशैली जिले के लोगों में भरोसा पैदा कर रही है।

